ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 में शनिवार, 3 मई 2025 को एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब एक घर के वेस्टर्न टॉयलेट में विस्फोट हो गया। इस हादसे में 20 वर्षीय युवक आशू नागर गंभीर रूप से झुलस गया। वह शौच के बाद जैसे ही फ्लश बटन दबा रहा था, तभी जोरदार धमाके के साथ टॉयलेट सीट फट गई और आग की लपटें उठने लगीं। इससे उसका चेहरा, हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह झुलस गए। परिजन उसे तुरंत ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है ।
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हादसे की संभावित वजह
परिवार का मानना है कि यह हादसा सीवर लाइन में जमा मीथेन गैस के कारण हुआ। उनका कहना है कि घर के बाथरूम और किचन के बीच एक शाफ्ट है, जिसमें एसी का एग्जॉस्ट लगा है, और उसके पीछे ग्रीन बेल्ट है। संभावना है कि मीथेन गैस वहां से रिसकर बाथरूम में भर गई और फ्लश के दौरान किसी चिंगारी से आग लग गई ।
सीवर सिस्टम पर सवाल
स्थानीय निवासियों और एक्टिव सिटीजन टीम के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि ग्रेटर नोएडा का सीवर सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा। पहले वेंट पाइप लगाए जाते थे, जिससे मीथेन गैस बाहर निकल जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा। इसके अलावा, पी-3 गोलचक्कर के पास की मुख्य सीवर लाइन पिछले डेढ़ साल से टूटी हुई है, जिसकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई ।
प्राधिकरण की प्रतिक्रिया
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक एपी वर्मा ने कहा कि यह घटना असामान्य है और पहली बार हुई है। प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर और आसपास की सीवर लाइन की जांच की, लेकिन कोई कमी नहीं पाई गई। सीवर ओवरफ्लो नहीं हो रहा था, और मकान में वेंट पाइप भी लगे थे। उन्होंने कहा कि अगर मीथेन गैस की वजह से विस्फोट हुआ होता, तो आसपास के घरों में भी समस्या होती। फिर भी, प्राधिकरण ने घटना की जांच के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों से मदद लेने का फैसला किया है ।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल एक व्यक्ति के लिए दर्दनाक है, बल्कि पूरे क्षेत्र के सीवर सिस्टम की खामियों को उजागर करती है। मीथेन गैस का जमाव और उचित वेंटिलेशन की कमी गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। प्राधिकरण और स्थानीय निकायों को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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