पाकिस्तान का सिंध प्रांत इन दिनों तीव्र असंतोष की चपेट में है। विवादित नहर परियोजना के विरोध में उग्र प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को गृह राज्य मंत्री जियाउल हसन लंजर के नौशहरो फिरोज स्थित आवास पर हमला बोल दिया और उसे आग के हवाले कर दिया। इस हिंसक विरोध के दौरान दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि एक उप-पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह छह-नहर परियोजना क्षेत्र के जल संसाधनों को प्रभावित करेगी और सिंध के किसानों के लिए विनाशकारी सिद्ध हो सकती है। सरकार के विरोध में मोरो शहर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के आवास और वहां खड़े दो ट्रेलरों में आग लगा दी। भीड़ ने घर में जमकर तोड़फोड़ की और फर्नीचर सहित अन्य संपत्ति को भी जला डाला।
पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन टकराव के दौरान हिंसा भड़क उठी। झड़पों में जहां दो लोगों की जान चली गई, वहीं एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें कई सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
पाकिस्तान इस समय कई मोर्चों पर संकट से जूझ रहा है—एक ओर बलूचिस्तान में अलगाववादी गतिविधियों ने सिर उठाया है, वहीं सिंध में जल संकट और नीतिगत असहमति जनाक्रोश को जन्म दे रही है। सिंध के लोग यह मानते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह नहर प्रोजेक्ट स्थानीय हितों की अनदेखी करता है और प्रांत की कृषि व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं।
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