OTT Platforms Banned: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट पर केंद्र सरकार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय I&B Ministry ने वेब सीरीज और फिल्मों के नाम पर अश्लीलता परोसने वाले 5 OTT प्लेटफॉर्म्स को देश में पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद डिजिटल कंटेंट बनाने वालों और ओटीटी इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है.
सरकार ने जिन प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया है, उनमें MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu शामिल हैं. मंत्रालय के अनुसार, इन ऐप्स और वेबसाइट्स पर लंबे समय से ऐसी सामग्री परोसी जा रही थी, जिसमें कोई ठोस कहानी या सामाजिक संदेश नहीं था. केवल बोल्ड सीन, अश्लील संवाद और आपत्तिजनक दृश्य दिखाकर दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही थी, जो भारतीय कानूनों और सामाजिक मर्यादाओं का सीधा उल्लंघन है.
क्यों हुई 5 OTT प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं.अभिभावक संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और डिजिटल मॉनिटरिंग एजेंसियों ने सरकार को बताया कि इन ऐप्स पर बच्चों और किशोरों के लिए अनुपयुक्त कंटेंट आसानी से उपलब्ध है.
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“इन प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जा रही सामग्री में न तो कोई रचनात्मकता थी और न ही सामाजिक जिम्मेदारी.यह सीधे तौर पर अश्लीलता फैलाने का मामला था. हमने उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए इन्हें बैन किया है.”
किन कानूनों के तहत हुआ बैन?
सरकार ने यह कार्रवाई आईटी एक्ट 2000, सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत की है. इन नियमों के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, पोर्नोग्राफिक या आपत्तिजनक सामग्री दिखाना गैरकानूनी है. बच्चों के लिए हानिकारक कंटेंट परोसना गंभीर अपराध है और बिना कंटेंट मॉडरेशन और आयु-सीमा के अश्लील सामग्री दिखाना नियमों का उल्लंघन है.
सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स यानि ISPs को निर्देश दिया है कि वे इन ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक करें ताकि देश में इन तक पहुंच पूरी तरह बंद हो जाए.
इन 5 OTT प्लेटफॉर्म्स पर क्या दिखाया जा रहा था?
अधिकारियों के मुताबिक इन प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई जाने वाली वेब सीरीज और फिल्में मुख्य रूप से अश्लील दृश्यों पर आधारित थीं. कंटेंट में बिना किसी कहानी या संदर्भ के लंबे-लंबे आपत्तिजनक सीन थे. कई वीडियो ऐसे थे जिन्हें सीधे तौर पर पोर्नोग्राफी की श्रेणी में रखा जा सकता है. वहीं, कंटेंट मॉडरेशन और एज-फिल्टर का कोई ठोस सिस्टम नहीं था.
एक साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक, “यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि डिजिटल स्पेस का दुरुपयोग है. ऐसे कंटेंट से समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है, खासकर युवाओं पर.”
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की हो. इससे पहले भी कई वेबसाइट्स और ऐप्स को अश्लील सामग्री के कारण ब्लॉक किया जा चुका है. सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को स्वतंत्रता जरूर है, लेकिन वह स्वतंत्रता कानून और समाज की मर्यादाओं के भीतर होनी चाहिए.
हालाँकि,पिछले कुछ वर्षों में कई पोर्न वेबसाइट्स को भारत में ब्लॉक किया गया. कुछ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी गई,और कंटेंट रेटिंग और सेल्फ-रेगुलेशन पर जोर दिया गया.
OTT इंडस्ट्री पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद ओटीटी इंडस्ट्री में कंटेंट को लेकर ज्यादा सतर्कता आएगी.प्लेटफॉर्म्स को अब कंटेंट मॉडरेशन मजबूत करना होगा. उम्र के अनुसार कंटेंट रेटिंग सिस्टम लागू करना होगा और वहीं, सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी निभानी होगी.
एक मीडिया एनालिस्ट के अनुसार,“इस फैसले से ओटीटी इंडस्ट्री को साफ संदेश गया है कि सिर्फ बोल्डनेस के सहारे बिजनेस नहीं चलेगा.क्वालिटी कंटेंट ही टिकेगा.”
अभिभावक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. उनका कहना है कि मोबाइल और इंटरनेट बच्चों तक आसानी से पहुंच चुका है, ऐसे में अश्लील कंटेंट पर रोक बेहद जरूरी है.
यूजर्स की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सिर्फ सरकार और ओटीटी कंपनियों की ही नहीं, बल्कि यूजर्स की भी जिम्मेदारी बनती है. अक्सर लोग जिज्ञासा या मनोरंजन के नाम पर ऐसे ऐप्स डाउनलोड कर लेते हैं जो संदिग्ध होते हैं. साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि अनजान ओटीटी ऐप्स इंस्टॉल करना सिर्फ अश्लील कंटेंट के लिहाज से ही नहीं, बल्कि डेटा सिक्योरिटी के लिए भी खतरनाक हो सकता है. कई ऐसे ऐप्स यूजर्स की निजी जानकारी, कॉन्टैक्ट्स और लोकेशन डेटा तक एक्सेस मांगते हैं. इसलिए जरूरी है कि यूजर्स केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स का ही इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध ऐप या वेबसाइट की शिकायत करें.
क्रिएटर्स के लिए चेतावनी और मौका दोनों
सरकार की यह कार्रवाई कंटेंट क्रिएटर्स के लिए चेतावनी भी है और मौका भी. चेतावनी इसलिए कि कानून तोड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे. मौका इसलिए कि अब ओटीटी इंडस्ट्री में क्वालिटी स्टोरीटेलिंग, सामाजिक संदेश और क्रिएटिव कंटेंट की अहमियत और बढ़ेगी. फिल्ममेकरों और वेब सीरीज बनाने वालों के लिए यह एक संकेत है कि सिर्फ बोल्ड सीन दिखाकर दर्शक लंबे समय तक नहीं जुड़े रहेंगे. मजबूत कहानी, अच्छे किरदार और संवेदनशील विषय ही लंबे समय में टिकाऊ मॉडल साबित होंगे.
आगे क्या बदलेगा डिजिटल दुनिया में?
सरकार संकेत दे चुकी है कि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और सख्त हो सकती है. आने वाले समय में:
- ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त गाइडलाइंस लागू हो सकती हैं
- कंटेंट रिव्यू और शिकायत निवारण सिस्टम मजबूत किया जा सकता है
- नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना और बैन लगाया जा सकता है
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल स्पेस को साफ और सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता है.
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