अहमदाबाद: हाथी के बेकाबू होने से मची भगदड़
अहमदाबाद में शुक्रवार सुबह भगवान जगन्नाथ की 147वीं रथ यात्रा के दौरान एक हाथी बेकाबू हो गया। यह हाथी 17 हाथियों के समूह में सबसे आगे चल रहा था। सुबह 10 बजे के करीब हाथी के बेकाबू होते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
वन विभाग की टीम ने स्थिति पर जल्द काबू पाया। घटना के बाद एहतियातन तीन हाथियों—दो मादा और एक नर—को यात्रा से हटा दिया गया है। अब 14 हाथी ही रथ यात्रा में शामिल रहेंगे।
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रथ यात्रा की शुरुआत अहमदाबाद के जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर से सुबह 7 बजे हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक ‘पाहिंद विधि’ निभाकर यात्रा का शुभारंभ किया। सुबह 5 से 6 बजे के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ पर विराजमान किया गया।
इस दौरान रथ के आगे सोने की झाड़ू लगाई गई, जो शुभता का प्रतीक मानी जाती है। यात्रा रात करीब 8:30 बजे तक मंदिर लौटेगी।
गृह मंत्री अमित शाह भी हुए शामिल
रथ यात्रा से पहले सुबह 4 बजे मंदिर में मंगला आरती की गई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने परिवार के साथ शामिल हुए। आरती के बाद भगवान को खिचड़ी का भोग लगाया गया।
पुरी में दुनिया की सबसे बड़ी रथ यात्रा शुरू
ओडिशा के पुरी में भी भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा भव्य रूप से शुरू हुई। सुबह 6 बजे मंगला आरती के बाद श्रृंगार और भोग की रस्में पूरी की गईं। दोपहर 1 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को क्रमशः नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन रथों पर विराजमान किया गया।
गजपति महाराज ने निभाई ‘छेरा पाहरा’ परंपरा
पुरी राजपरिवार के गजपति महाराज दिव्य सिंह देव ने दोपहर 3 बजे पारंपरिक ‘छेरा पाहरा’ (सोने की झाड़ू से रथ के आगे सफाई) की रस्म निभाई। इसके बाद रथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हुआ। भगवान तीन किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर जाएंगे, जिसे उनकी मौसी का घर माना जाता है।
भारी बारिश के बीच 12 लाख श्रद्धालु हुए शामिल
पुरी में हल्की बारिश के बीच लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। ओडिशा पुलिस के एडीजी संजय कुमार ने बताया कि करीब 10 से 12 लाख लोग रथ यात्रा में पहुंचे हैं। सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उदयपुर में 80 किलो चांदी के रथ में निकली यात्रा
राजस्थान के उदयपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जहां भगवान 80 किलो चांदी से बने रथ में विराजमान हुए। यहां भी भव्य धार्मिक आयोजन और भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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