AI Summit Delhi News: राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान बड़ा हंगामा हुआ। बता दें कि हाई-प्रोफाइल (AI Impact Summit) के बीच यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा तोड़कर कार्यक्रम स्थल के अंदर पहुंच गए और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस घटना से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
जानकारी के अनुसार, जब समिट में देश-विदेश के कई बड़े नेता, मंत्री और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद थे, तभी करीब 10 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता अचानक मुख्य हॉल के पास पहुंच गए। उन्होंने टी-शर्ट खोलकर विरोध जताया और “PM is Compromised” के नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथ में बैनर और पोस्टर भी थे।
सुरक्षा में चूक कैसे हुई?
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी QR कोड के जरिए एंट्री लेकर कार्यक्रम स्थल के अंदर पहुंचे थे। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इतने कड़े इंतजाम के बावजूद ये लोग अंदर कैसे पहुंच गए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में 4 से 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी को तिलक मार्ग थाने ले जाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम के एंट्री सिस्टम और पास जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा कर रही हैं।
बीजेपी का हमला
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी काफी बढ़ गई है। BJP IT सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस प्रदर्शन को राष्ट्रीय शर्म करार दिया है। जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। जिसमें उन्होंने कहा कि एक ओर भारत वैश्विक स्तर पर एआई के क्षेत्र में अपनी ताकत दिखा रहा है, वहीं कांग्रेस ने इस मंच को बाधित करने की कोशिश की। मालवीय ने आरोप लगाया कि यह कदम भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया। BJP का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश को शर्मिंदा करना सही नहीं है।
क्या है AI Impact Summit?
यह सम्मेलन ग्लोबल साउथ में भारत द्वारा आयोजित पहला बड़ा वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन बताया जा रहा है। इस समिट में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से ज्यादा एआई विशेषज्ञ एवं उद्योग प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य नीति-निर्माताओं, टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के नेताओं को एक मंच पर लाना है। यह आयोजन इंडिया एआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के तहत हो रहा है। इसका मकसद एआई तकनीक को विकास और सामाजिक बदलाव के लिए उपयोगी बनाना है।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
समिट में रिकॉर्ड स्तर की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी दर्ज की गई है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भारत की तकनीकी प्रगति और एआई नवाचार पर चर्चा कर रहे हैं। भारत सरकार का दावा है कि यह सम्मेलन देश को वैश्विक तकनीकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
विपक्ष का रुख
बता दें कि यूथ कांग्रेस की ओर से इस घटना पर अभी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में किया गया।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
दरअसल, घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। आने वाले दिनों में ऐसे आयोजनों में प्रवेश प्रक्रिया और भी सख्त की जा सकती है।
बता दें कि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कैसे बनाया जाए। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
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