AI Summit 2026: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहे India AI Impact Summit 2026 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू शुक्रवार को शिरकत करेंगे.यह समिट देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य, निवेश और स्किल डेवलपमेंट को लेकर एक बड़ा मंच माना जा रहा है. इस दौरान मुख्यमंत्री औद्योगिक नेताओं के साथ कई बैठकों में हिस्सा लेंगे, जहां राज्य के लिए AI निवेश और तकनीकी सहयोग से जुड़े कई अहम समझौते (MoUs) साइन होने की उम्मीद है. आंध्र सरकार का फोकस राज्य को AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी का हब बनाने पर है.
‘AI Accelerators’ प्लेनरी सेशन में नायडू की भागीदारी
मुख्यमंत्री नायडू ‘AI Accelerators: Fueling India’s Economic Growth’ शीर्षक वाले प्लेनरी सेशन में हिस्सा लेंगे.इस सत्र में उनके साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसादा, और TCS के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. इस चर्चा में AI को देश की आर्थिक वृद्धि का इंजन बनाने, स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और राज्यों में निवेश आकर्षित करने जैसे मुद्दों पर फोकस रहने की उम्मीद है. नायडू अपने अनुभवों के आधार पर यह बताएंगे कि कैसे आंध्र प्रदेश में टेक्नोलॉजी ड्रिवन गवर्नेंस और इंडस्ट्री पार्टनरशिप को आगे बढ़ाया जा सकता है.
IBM और UNICC के साथ AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर समझौते
आंध्र प्रदेश सरकार समिट के दौरान IBM और संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय कंप्यूटिंग केंद्र (UNICC) के साथ समझौते करेगी.इन समझौतों का उद्देश्य AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना,डिजिटल स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना,और सरकारी सेवाओं में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना है.
वहीं,UNICC राज्य में क्वांटम और AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में मदद करेगा. यह सेंटर रिसर्च, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और स्टूडेंट ट्रेनिंग का प्रमुख केंद्र बनेगा.इससे आंध्र प्रदेश को हाई-एंड टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी.
NIELIT के साथ ‘Quantum AI University’ की तैयारी
समिट के दौरान राज्य सरकार राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ एक MoU पर भी हस्ताक्षर करेगी.इस समझौते के तहत आंध्र प्रदेश में Quantum AI University की स्थापना की जाएगी.
यह यूनिवर्सिटी AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे एडवांस्ड कोर्स ऑफर करेगी और युवाओं को भविष्य की टेक्नोलॉजी में स्किल्ड प्रोफेशनल बनाएगी. वहीं, Quantum AI University स्टार्टअप्स व इंडस्ट्री के साथ मिलकर इनोवेशन को भी बढ़ावा देगी. वहीं,सरकार का मानना है कि इस यूनिवर्सिटी से राज्य के युवाओं को देश-विदेश में करियर के नए मौके मिलेंगे.
आंध्र प्रदेश को AI हब बनाने की रणनीति
नायडू पहले भी टेक्नोलॉजी को विकास का आधार बनाने की बात कर चुके हैं.सरकार की रणनीति में शामिल है AI पार्क और टेक्नोलॉजी क्लस्टर की स्थापना, स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग और इनक्यूबेशन, सरकारी सेवाओं में AI आधारित समाधान और किसानों, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI एप्लिकेशन. वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि IBM, UNICC और NIELIT जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी से आंध्र प्रदेश को वैश्विक निवेशकों का भरोसा मिलेगा और राज्य की पहचान एक टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली डेस्टिनेशन के रूप में बनेगी.
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा
AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी में निवेश से राज्य में हाई-स्किल जॉब्स पैदा होंगी, जिससे इंजीनियरिंग और IT स्टूडेंट्स को लोकल ट्रेनिंग के मौके मिलेंगे.युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने का प्लेटफॉर्म मिलेगा.
सरकार का फोकस केवल निवेश लाने पर नहीं, बल्कि स्थानीय टैलेंट को ग्लोबल स्टैंडर्ड पर तैयार करने पर भी है.
राज्यों के बीच टेक्नोलॉजी रेस तेज
AI समिट 2026 में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हो रहे हैं. इससे साफ है कि राज्यों के बीच AI निवेश को लेकर प्रतियोगिता तेज हो गई है.आंध्र प्रदेश, असम और अन्य राज्य अपने-अपने मॉडल पेश कर रहे हैं, ताकि केंद्र सरकार और निजी कंपनियों का भरोसा जीत सकें.
वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रतियोगिता अंततः देश के लिए फायदेमंद होगी, क्योंकि इससे AI इकोसिस्टम पूरे भारत में फैलेगा.
आंध्र प्रदेश में AI से बदलेगी गवर्नेंस की तस्वीर
AI निवेश का असर सिर्फ इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य की गवर्नेंस प्रणाली में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. सरकार की योजना है कि सरकारी दफ्तरों में AI आधारित सिस्टम लागू कर फाइल प्रोसेसिंग तेज की जाए, शिकायत निवारण को ऑटोमेट किया जाए और डेटा एनालिटिक्स के जरिए योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर की जाए. इससे आम नागरिकों को सेवाएं जल्दी मिलेंगी और निर्मलता बढ़ेगी.
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा टेक्नोलॉजी सपोर्ट
आंध्र प्रदेश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है. AI और डेटा एनालिटिक्स से किसानों को फसल अनुमान, कीट रोग पहचान, मौसम की सटीक जानकारी और बाजार भाव जैसी सेवाएं मिल सकती हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर ये तकनीकें जमीनी स्तर पर लागू होती हैं, तो इससे किसानों की आय बढ़ाने और जोखिम कम करने में मदद मिलेगी.
स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए नए अवसर
AI समिट में हुए समझौतों से आंध्र प्रदेश में स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए नए अवसर खुल सकते हैं. सरकार इनोवेशन हब और इनक्यूबेशन सेंटर्स के जरिए युवाओं को मेंटरशिप, फंडिंग और मार्केट एक्सेस देने की योजना बना रही है. इससे छोटे शहरों और टियर-2 टियर-3 इलाकों में भी टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है.
Read Related News : भारतीय छात्रों के लिए खोला ‘सुपर गेट’, 30 हजार छात्रों के लिए ट्रांजिट वीजा फ्री



