Faridabad Terror Module: दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद से सरकार सख्त एक्सन में है। दरअसल, दिल्ली ब्लास्ट कनेक्शन के बाद आतंक की नर्सरी बताए जाने वाली हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसा गया है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने यूनिवर्सिटी को फर्जी मान्यता और भ्रामक जानकारी देने के आरोप में नोटिस जारी कर दिया गया है।
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बता दें कि यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट को भी फिलहाल के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
यूनिवर्सिटी का फर्जी मान्यता खेल बेनकाब
NAAC ने अपने नोटिस में साफ कहा है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी को न तो परिषद की मान्यता प्राप्त है और न ही मूल्यांकन के लिए किसी चक्र (Cycle-1) में शामिल है। इन सब के बावजूद भी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर यह दावा है कि उसकी तीन संस्थाओं को ‘A ग्रेड’ मान्यता मिली हुई है। परिषद ने इस दावे को गलत, भ्रामक और सार्वजनिक धोखा बताते हुए बंद कर दिया है।
पुरानी मान्यता दिखाकर किया धोखा
मिली जानकारी के अनुसार, यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कॉलेज को वर्ष 2013 में और शिक्षा कॉलेज को 2011 में ‘A ग्रेड’ मान्यता मिली थी, लेकिन यह मान्यता केवल पांच वर्षों तक के लिए ही वैध थी, जो साल 2018 में खत्म हो चुकी है।

जवाब नहीं दिया तो होगी कड़ी कार्रवाई
परिषद ने यूनिवर्सिटी से 7 दिनों के अंदर जवाब मांगा है। यदि तय समय में सही जवाब नहीं मिली है और फर्जी दावे वेबसाइट से नहीं हटाए गए, तो NAAC भविष्य में उसकी मान्यता प्रक्रिया से अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर प्रतिबंधित लगा दिया जाएगा। इसके अलावा परिषद ने UGC, AICTE, NCTE, NMC और हरियाणा सरकार से सिफारिश की है वह इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए सख्त कदम उठाएं।
आतंक कनेक्शन से मुश्किलें बढ़ी
दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आया, जिसके चलते इस मामले में मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया था। वही, अब फर्जी मान्यता के खुलासे के बाद से एक बार फिर से यह संस्थान जांच एजेंसियों के निशाने पर है।
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