Kakinada Fire News: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। बताया जा रहा है कि सामरलकोटा मंडल के वेतलापालम इलाके में मौजूद ‘सूर्या फायर वर्क्स’ नाम की यूनिट में अचानक धमाका हुआ और देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। बता दें कि इस हादसे में अब तक 18 मजदूरों की मौत हुई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 20 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। साथ ही,आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मलबे से शव निकालने का काम जारी
जिला कलेक्टर सागिरी शान मोहन ने घटना की जांच करते हुए बताया है कि राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।फिलहाल मलबे से शवों को बाहर निकालने का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है, क्योंकि कुछ मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। कुछ लोग 60 से 80 % तक झुलस गए हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया भयावह मंजर
बता दें कि हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों का कहना है कि पहले तेज धमाके की आवाज आई, फिर कुछ ही सेकंड में आग ने पूरी यूनिट को घेर लिया। कई मजदूर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आग और धुएं की वजह से उन्हें रास्ता नहीं मिल पाया। एक स्थानीय निवासी का कहना है कि धमाके की आवाज इतनी जोरदार थी कि घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। कुछ लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद राहत टीम मौके पर पहुंची।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
बताया जा रहा है कि, इस दुखद घटना पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिसके बाद सीएम ने मंत्रियों और अधिकारियों की एक टीम को घटनास्थल पर भेजने का निर्देश भी दिया है, ताकि राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा सके।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
जानकारी के मुताबिक,हादसे के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन यह जांच कर रहे हैं कि क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था और क्या वहां सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था या नहीं।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि पटाखों के निर्माण के दौरान ज्वलनशील रसायनों के गलत इस्तेमाल या लापरवाही के कारण यह धमाका हुआ हो सकता है। हालांकि, प्रशासन ने कहा है कि पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।
राहत और मुआवजे की घोषणा संभव
राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी की जा रही है। जानकारी मुताबिक, मुख्यमंत्री जल्द ही मुआवजे की घोषणा कर सकते हैं। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की बात भी कही गई है। जिला प्रशासन ने अस्पतालों को आदेश दिया है कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।

पटाखा फैक्ट्रियों में पहले भी हो चुके हैं हादसे
बता दें कि देश के कई राज्यों में पटाखा फैक्ट्रियों में इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। ज्वलनशील पदार्थों के कारण इन यूनिट्स में आग लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। कई बार सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अवैध संचालन के चलते ऐसे हादसे सामने आते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पटाखा निर्माण यूनिट्स में काम करने वाले मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण मिलना जरूरी है। साथ ही फैक्ट्री मालिकों को भी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फैक्ट्री मालिक व प्रबंधन से पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही ऐसी फैक्ट्रियों की नियमित जांच करनी चाहिए थी। कुछ लोगों ने मृतकों के परिवारों को स्थायी सहायता और दोषियों को सजा देने की मांग की है।



