8th Pay Commission: देशभर में केंद्रीय आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच BJP शासित राज्य असम ने बड़ा कदम उठाते हुए अपना आठवां राज्य वेतन आयोग गठित कर दिया है। जिसमें यह फैसला लेने वाला असम पहला राज्य बन गया है। इस कदम से लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सवाल यह है कि सैलरी कब से बढ़ेगी और उत्तर प्रदेश-बिहार जैसे राज्यों में कब एलान हो सकता है
असम सरकार ने गठित किया 8वां राज्य वेतन आयोग बता दें कि असम सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर आठवें राज्य वेतन आयोग का गठन कर दिया है। वित्त विभाग की अधिसूचना के अनुसार, इस आयोग की अध्यक्षता पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष चंद्र दास करेंगे। आयोग में कुल आठ सदस्य शामिल होंगे।
जानकारी के लिए बता दें कि सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। वहीं, पिछला वेतन संशोधन 1 अप्रैल 2016 से लागू हुआ था, जो सातवें असम पे एंड प्रोडक्टिविटी वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित था। लगभग 10 साल बाद अब वेतन ढांचे में व्यापक बदलाव की तैयारी है।
18 महीने में सौंपेगा रिपोर्ट
बता दें कि सरकार की ओर से तय किया गया है कि आठवां वेतन आयोग 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगा। इसके बाद सिफारिशों पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। जिससे यह माना जा रहा है कि 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक नई सैलरी लागू की जा सकती है। आयोग का उद्देश्य सिर्फ वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है। सरकार वित्तीय स्थिरता मजबूत करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और सेवा वितरण में सुधार पर भी जोर दे रही है। इसके तहत मानव संसाधन प्रबंधन, नई तकनीक का उपयोग, परिणाम आधारित प्रशासन और कर्मचारियों की संख्या का संतुलन जैसे सुधारों पर भी सुझाव दिए जाएंगे।
किन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा आयोग
असम सरकार का कहना है कि इस आयोग के दायरे में सभी कर्मचारी नहीं आएंगे। जिसमें अखिल भारतीय सेवा (AIS) के अधिकारी, UGC/AICTE वेतनमान वाले शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारी और शेट्टी आयोग या अन्य राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग के तहत वेतन पाने वाले न्यायिक अधिकारी इसमें शामिल नहीं होंगे।
हालांकि राज्य के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को इसमें शामिल किया गया है। आयोग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर महंगाई राहत और पेंशन संशोधन पर भी सिफारिश देगा।
राज्यों में कब लागू होगा नया वेतन
दरअसल, जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, सबसे पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लाभ मिलता है। जिसमें उसके बाद राज्य सरकारें अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार फैसला लेती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्रीय आठवां वेतन आयोग लागू होने के बाद अन्य राज्यों में भी प्रक्रिया तेज होगी। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे बड़े राज्यों में फिलहाल आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन कर्मचारियों की बढ़ती मांग और केंद्रीय फैसले के बाद इन राज्यों में भी वेतन आयोग गठन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

राज्य अलग वेतन आयोग क्यों बनाते हैं
हर राज्य की आय, राजस्व और बजट क्षमता अलग होती है। इसलिए राज्य सीधे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं करते। वे अपना राज्य वेतन आयोग गठित करते हैं, ताकि वेतन, भत्ते और पेंशन राज्य की आर्थिक स्थिति के अनुरूप तय किए जा सकें।असम द्वारा गठित आयोग को Assam 8th State Pay Commission के रूप में जाना जा रहा है, जो राज्य की वित्तीय स्थिति का आकलन कर सिफारिशें देगा।
अन्य राज्यों में क्या है स्थिति
देश के अलग-अलग राज्यों में वेतन आयोग की स्थिति अलग है।
- केरल में इस समय Kerala 11th Pay Commission काम कर रहा है।
- पंजाब में Punjab 6th Pay Commission लागू है।
- कर्नाटक में सातवां वेतन आयोग प्रभावी है। इससे स्पष्ट है कि सभी राज्यों में वेतन आयोग की समयसीमा और क्रम अलग-अलग हो सकता है।
फिटमेंट फैक्टर कितना बढ़ सकता है
सातवें केंद्रीय वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। कई राज्यों ने इसे लगभग समान रखा, जबकि कुछ राज्यों ने थोड़ा बदलाव किया। उदाहरण के तौर पर पंजाब में 2.59 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था।
आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो बेसिक सैलरी में सीधा इजाफा होगा। इससे कर्मचारियों की कुल सैलरी और पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ
आयोग राज्य के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन पाने वालों के वेतन ढांचे की भी समीक्षा करेगा। महंगाई राहत (DA/DR) को CPI के आधार पर संशोधित किया जा सकता है। इससे रिटायर्ड कर्मचारियों को भी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या यूपी-बिहार में जल्द होगा ऐलान
उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में लाखों कर्मचारी आठवें वेतन आयोग को लेकर उत्सुक हैं। हालांकि अभी तक इन राज्यों की सरकारों ने कोई ऑफिशियल घोषणा जारी नहीं की है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे ही केंद्र स्तर पर आठवां वेतन आयोग लागू होगा और उसकी सिफारिशें सामने आएंगी, वैसे ही राज्यों में भी वेतन संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। राज्य सरकारें अपनी आर्थिक स्थिति और बजट के अनुसार निर्णय लेंगी।
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