Assam Election LIVE Updates: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आज मतदान शुरू हो चुका है और राज्यभर में लोकतंत्र का महापर्व पूरे जोश के साथ मनाया जा रहा है. सुबह 7 बजे से ही मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सुबह 9 बजे तक लगभग 18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है. खास बात यह है कि कई इलाकों में तेज बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है और मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. यह चुनाव न सिर्फ असम के लिए, बल्कि पूरे देश की राजनीति के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.126 सदस्यीय विधानसभा के लिए हो रहे इस चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है.
बारिश के बावजूद मतदान में उत्साह, बूथों पर उमड़ी भीड़
असम के कई जिलों में सुबह से ही बारिश हो रही है, लेकिन इसका असर मतदान पर ज्यादा नहीं पड़ा. ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, लोग छाते और रेनकोट लेकर मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं. कई जगहों पर बूथ के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो यह दर्शाती हैं कि लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह उत्साहित हैं. बुजुर्ग, महिलाएं और युवा, सभी वर्ग के लोग मतदान में हिस्सा ले रहे हैं.
126 सीटों पर कड़ा मुकाबला, NDA बनाम विपक्ष
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच माना जा रहा है. सत्तारूढ़ दल जहां लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है, वहीं कांग्रेस सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. वहीं कांग्रेस भी इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी है.
प्रमुख उम्मीदवारों पर टिकी नजरें
इस चुनाव में कई बड़े और चर्चित चेहरे मैदान में हैं, जिन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. इनमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अलावा गौरव गोगोई, देबब्रत सैकिया, बदरुद्दीन अजमल, अखिल गोगोई और लुरिनज्योति गोगोई जैसे नाम शामिल हैं. इन नेताओं के प्रदर्शन पर ही काफी हद तक चुनाव का परिणाम निर्भर करेगा.
722 उम्मीदवार मैदान में, 2.5 करोड़ मतदाता तय करेंगे भविष्य
इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. यह संख्या दर्शाती है कि चुनावी मुकाबला कितना व्यापक और प्रतिस्पर्धात्मक है. असम में कुल लगभग 2.50 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें करीब 1.25 करोड़ महिलाएं शामिल हैं. इसके अलावा तीसरे लिंग के 318 मतदाता भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं. यह आंकड़े बताते हैं कि चुनाव में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की गई है.
31,490 मतदान केंद्रों पर हो रही वोटिंग
राज्य के 35 जिलों में कुल 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान जारी रहेगा. चुनाव आयोग ने सभी केंद्रों पर सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. हर बूथ पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.
लोकतंत्र का पर्व, लोगों में दिखा उत्साह
चुनाव को लोकतंत्र का पर्व कहा जाता है और असम में आज इसका जीवंत उदाहरण देखने को मिल रहा है.लोग अपने काम-काज छोड़कर मतदान करने पहुंच रहे हैं. कई जगहों पर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में खास उत्साह देखा गया. उन्होंने इसे अपने अधिकार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी बताया.
महिलाओं की भागीदारी बनी खास आकर्षण
इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है. सुबह से ही महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचीं और वोट डाला.विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है.
बारिश और सुरक्षा के बीच सुचारू मतदान
हालांकि बारिश ने कुछ जगहों पर मतदान प्रक्रिया को धीमा जरूर किया, लेकिन प्रशासन ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी. कई बूथों पर टेंट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं, जिससे मतदाताओं को परेशानी न हो. सुरक्षा के लिहाज से भी कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके.
क्या कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव असम की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है. एक ओर भाजपा अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस मौके को वापसी के तौर पर देख रहे हैं. मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है, यह चुनाव परिणाम के दिन ही साफ हो पाएगा.
असम विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान का पहला चरण उत्साह और चुनौतियों दोनों के बीच आगे बढ़ रहा है. तेज बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत हैं. सुबह 9 बजे तक 18% मतदान यह संकेत देता है कि आने वाले घंटों में यह आंकड़ा और तेजी से बढ़ सकता है.अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है और राज्य की सत्ता किसके हाथों में जाती है. फिलहाल, असम में लोकतंत्र का यह महापर्व पूरे जोश और शांति के साथ आगे बढ़ रहा है.
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