Banks New Verification Rule: देशभर के दिन पर दिन बैंकों से जुड़े ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) और फर्जी खातों के मामले तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में अब RBI ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब से बैंक अकाउंट खोलने से लेकर ग्राहक की पहचान की जांच यानी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है, जिससे आपकी सुरक्षा बनी रहे।
[expander_maker id=”1″ more=”Read more” less=”Read less”]
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले जहां बैंक में नए खाते ऑनलाइन खोलने पर डिजिटल वेरिफिकेशन (Digital Verification) किया जाता था, अब यह प्रक्रिया पूरी तरह फिजिकल यानी ऑफलाइन तरीको से ही की जाएगी।
फिजिकल वेरिफिकेशन होगी अनिवार्य
RBI के नए नियमों के तहत अब से कोई भी ग्राहक अपना बैंक खाता खुलवाता है और वह ऑनलाइन बैंक खाता खुलवाना चाहता है, तो उसे या तो बैंक शाखा में जाकर अपना फिजिकल वेरिफिकेशन कराना होगा या फिर बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर अपसे आपके दिए गए पते पर मिलने पहुंचेगा।
बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया बैंक अधिकारी घर या ऑफिस जाकर भी वेरिफिकेशन को पूरा कर सकते हैं, ताकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते न खुलें और किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का गलत तरह से इस्तेमाल न हो सके।

ऑनलाइन फ्रॉड बदलाव की सबसे बड़ी वजह
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से बैंकिंग सिस्टम (Banking System) में फर्जी खातों के माध्यम से धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। खबरों के मुताबिक, भारत में सबसे अधिक फर्जी के केस ICICI बैंक, HDFC बैंक, SBI, बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंकों में देखने को मिलें है। इसी वजह से बैंकों के द्वारा डिजिटलाइजेशन की रफ्तार पर कुछ समय के लिए लगाम लगाते हुए फिजिकल वेरिफिकेशन मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है, जिससे बैंकिंग सुरक्षा प्रणाली में सुधार हो सके।
बैंक शाखाओं के लिए सख्त निर्देश
- अब बैंक अपने क्षेत्र से बाहर के ग्राहकों के खाते नहीं खोलेंगे।
- बैंक में इलाके की ब्रांच है, उसके से संबंधित क्षेत्र के खाते उसी बैंक में खोलेगे।
- सभी खातों-चाहे वह बचत खाता हो या चालू खाता सबके लिए KYC नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य कर दिया।
- अगर बैंक ने KYC से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में लापरवाही बरती तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
डिजिटल बैंकिंग पर असर
- नए नियमों से डिजिटल बैंकिंग की गति थोड़ी धीमी होगी
- फर्जी खातों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले कम से कम होंगे।
- डिजिटल बैकिंग पर रोक से लोगों के पैसे के सुरक्षित होंगे।
ये भी पढ़ें: आंध्र प्रदेश में हुआ दर्दनाक बस सड़क हादसा, महिलाओं-बच्चों समेत 9 की मौत, कई घायल
[/expander_maker]



