Bihar Bhumi Land Record: बिहार के लाखों किसानों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) से जुड़ी अपडेट जारी हुई है। राज्य सरकार और कृषि विभाग ने योजना के नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। इसके चलते अब राज्य उन किसानों की 2000 रुपये की किस्त रोकी जा सकती है। ऐसे इसलिए क्योंकि जिनके नाम पर जमीन की जमाबंदी नहीं है। उन्होंने इसका लाभ नहीं मिलेगी।
दादा पिता के नाम से उठा रहे योजना का लाभ
खबरों के मुताबिक, बिहार के ज्यादातर किसान अब तक अपने पिता या दादा के नाम दर्ज जमीन पर पीएम किसान योजना का लाभ उठा रहे थे। लेकिन अब से ऐसा नहीं होगा। नए नियमों के अनुसार, राज्य सरकार ने साफ कहा है कि पीएम किसान का लाभ लेने के लिए किसान के पास स्वयं के नाम की जमाबंदी होना जरूरी है।

70% किसानों पर संकट
मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार के लगभग 70 प्रतिशत किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन अब भी बाप-दादा के नाम पर है, लेकिन फिर भी वह सरकारी स्कीम का लाभ उठा रहे है। इसलिए सरकार के पास ऐसे किसानों की फार्मर आईडी (Farmer ID)नहीं बन पा रही है। बिना फार्मर आईडी के पीएम किसान पोर्टल पर डेटा सिंक नहीं होगा और अगली किस्त खाते में नहीं ट्रांसफर की जाएगी।
वही, सरकार की यह भी कहना है कि जब तक जमीन का बंटवारा नहीं होगा और नामांतरण (जमाबंदी ट्रांसफर) नहीं कराया जाता, तब तक फार्मर आईडी जारी नहीं की जाएगी।
ई-केवाईसी और नाम की गड़बड़ी भी बनी बाधा
बताया जा रहा है कि अब से पीएम किसान योजना में ई-केवाईसी (e-KYC) को भी अनिवार्य कर दिया है। इसमें भी कई किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सबसे बड़ी समस्या आधार कार्ड और जमीन की जमाबंदी में नाम की है।
अगर आधार कार्ड में नाम “राज कुमार यादव” है और जमीन के कागज में सिर्फ “राज कुमार” या नाम के साथ “उर्फ” लिखा है, तो आवेदन रिजेक्ट हो जा रहा है। ऐसे में अब से नए राजस्व ऐप में नाम की जरा सी स्पेलिंग या शब्दों की भिन्नता भी स्वीकार नहीं की जा रही है।
किसानों को क्या करना होगा
सरकार ने स्पष्ट कहा है कि पीएम किसान का लाभ जारी रखने के लिए किसानों को जल्द से जल्द जमीन का बंटवारा, नामांतरण और सही ई-केवाईसी करानी होगी।



