राज्यसभा चुनाव 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए 6 राज्यों से 9 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बता दें कि पार्टी की ओर से जारी इस सूची में कई वरिष्ठ और चर्चित नेताओं को मौका दिया गया है। जिसमें इन नामों में बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के नेता शामिल हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि राजनीतिक हलकों में इस सूची को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि 16 मार्च को 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी और एनडीए के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है।
बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार को मौका
बता दें कि बीजेपी ने बिहार से नितिन नवीन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नेता माने जाते हैं। उनके नाम की घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसके अलावा बिहार से शिवेश कुमार उर्फ शिवेश राम को भी उम्मीदवार बनाया गया है। शिवेश राम पार्टी के बड़े दलित चेहरों में गिने जाते हैं। वे पूर्व विधायक रह चुके हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव में सासाराम सीट से बीजेपी के उम्मीदवार थे, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। जिसमें शिवेश राम के पिता मुनीलाल केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं, जिससे उनका राजनीतिक अनुभव और पारिवारिक पृष्ठभूमि मजबूत मानी जाती है। बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर दलित समाज को मजबूत संदेश देने की कोशिश की है।
असम से तेराश गोवाला और जोगेन मोहन
दरअसल, असम से बीजेपी ने दो नेताओं को मौका दिया है। जिसमें तेराश गोवाला और जोगेन मोहन। दोनों नेता राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। असम में बीजेपी पहले से ही मजबूत स्थिति में है और इन नामों के जरिए पार्टी संगठन को और सशक्त करना चाहती है।
छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा
छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। जिसमें राज्य में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद बीजेपी संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। लक्ष्मी वर्मा का नाम सामने आना महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
हरियाणा से संजय भाटिया
हरियाणा से BJP ने संजय भाटिया को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया है। बता दें कि संजय भाटिया राज्य की राजनीति में सक्रिय और अनुभवी नेता हैं। पार्टी को उम्मीद है कि उनके जरिए हरियाणा में संगठनात्मक मजबूती और बढ़ेगी।
ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार
ओडिशा से बीजेपी ने मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को उम्मीदवार बनाया है। ओडिशा में बीजेपी लगातार अपने आधार को मजबूत करने में जुटी है। मनमोहन सामल राज्य में पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं।बता दें कि इन नामों के जरिए पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
BJP announces its candidates for the upcoming Rajya Sabha elections.
Nitin Nabin, Shivesh Kumar from Bihar.
Terash Gowalla, Jogen Mohan from Assam.
Laxmi Verma from Chhattisgarh.
Sanjay Bhatia from Haryana.
Manmohan Samal, Sujeet Kumar from Odisha
Rahul Sinha from West Bengal. pic.twitter.com/jM3afnPLLi— ANI (@ANI) March 3, 2026
पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा
पश्चिम बंगाल से बीजेपी ने वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। राहुल सिन्हा लंबे समय से पश्चिम बंगाल बीजेपी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने राज्य में पार्टी के विस्तार में अहम भूमिका निभाई है। वे पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं और ऑल इंडिया सेक्रेटरी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके नाम की घोषणा को बंगाल में बीजेपी संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
उपेंद्र कुशवाहा भी करेंगे नामांकन
NDA की ओर से उपेंद्र कुशवाहा भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार होंगे। जानकारी के अनुसार, वे 5 मार्च को नामांकन दाखिल करेंगे।
बिहार की राजनीति में उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा असर माना जाता है। जिसके बाद NDA के लिए उनका नाम अहम साबित हो सकता है।
16 मार्च को होंगे चुनाव
जानकारी के अनुसार,10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे। इन 37 सीटों में से फिलहाल 25 सीटें इंडिया ब्लॉक के पास हैं, जबकि 12 सीटें एनडीए के पास हैं। ऐसे में यह चुनाव NDA के लिए अपनी संख्या बढ़ाने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है। हालांकि, सहयोगी दलों को साथ बनाए रखना और रणनीतिक तालमेल बिठाना सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
बीजेपी की रणनीति क्या है
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि BJP ने इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। बिहार में दलित चेहरा, बंगाल में वरिष्ठ संगठनात्मक नेता और असम व ओडिशा में क्षेत्रीय प्रभाव रखने वाले नेताओं को मौका देकर पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह संगठन और सामाजिक समीकरण दोनों को मजबूत करना चाहती है। आगामी राज्यसभा चुनाव में परिणाम एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों के लिए बेहद अहम होंगे। वहीं, अब सभी की नजरें 16 मार्च को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं।
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