देशभर में चांदी खरीदने और इसमें निवेश करने वालों के लिए आज का दिन चौंकाने वाला रहा.चांदी का भाव आज 30 जनवरी 2026 को अचानक बड़ी गिरावट के साथ सामने आया है. हाल के दिनों में लगातार रिकॉर्ड बना रही चांदी की कीमतें आज फिसल गईं, जिससे बाजार में हलचल मच गई.
कुछ दिन पहले तक जहां चांदी ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुकी थी, वहीं अब इसमें करीब 12 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट का सीधा असर गहने खरीदने वाले ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक पड़ा है.
रिकॉर्ड हाई से सीधे गिरावट की ओर
बीते दिन यानी 29 जनवरी को चांदी ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर नया इतिहास रच दिया था. मार्च कॉन्ट्रैक्ट में चांदी की कीमत 4,20,048 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी.लेकिन आज बाजार खुलते ही तस्वीर बदल गई. MCX पर चांदी की मार्च वायदा कीमत गिरकर 3,51,906 रुपये प्रति किलो तक आ गई. यानी चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से 68,000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का भी दिखा असर
चांदी की कीमतों पर केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों का भी सीधा असर पड़ता है. इससे पहले अमेरिकी स्पॉट चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. अमेरिकी बाजार में चांदी 8% से ज्यादा गिरकर 106.8 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 120.45 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई पर पहुंची थी.यानि, वैश्विक स्तर पर मुनाफावसूली और दबाव का असर सीधे भारतीय बाजार तक पहुंचा.
गुडरिटर्न्स और IBJA के आंकड़े क्या कहते हैं?
गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक,आज चांदी का भाव गिरकर 3,95,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया.जबकि कल यानी 29 जनवरी को यही कीमत 4,10,100 रुपये प्रति किलो तक थी. वहीं इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार शुक्रवार सुबह चांदी का भाव 3,79,988 रुपये प्रति किलो था और दोपहर होते तक यह घटकर 3,57,163 रुपये प्रति किलो पर आ गया. इन आंकड़ों से साफ है कि चांदी की गिरावट दिनभर जारी रही.
अचानक क्यों गिरी चांदी की कीमत?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे कई वजह हैं:
- मुनाफावसूली: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव बना.
- अंतरराष्ट्रीय संकेत: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर असर डाला.
- मांग में अस्थायी कमी: इतनी ऊंची कीमतों के बाद ज्वैलरी सेक्टर में खरीदारी थोड़ी सुस्त पड़ी, जिसका असर भाव पर दिखा.
चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर
जो लोग चांदी के गहने या सिक्के-बार खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए यह गिरावट राहत लेकर आई है. महंगे रेट के कारण जो ग्राहक खरीदारी टाल रहे थे, अब उन्हें थोड़ी राहत मिल सकती है. खासकर शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में चांदी की मांग फिर बढ़ सकती है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों के लिए यह सवाल अहम है कि क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या कीमतें फिर संभलेंगी. वहीं ,विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट फिलहाल तकनीकी करेक्शन हो सकती है. लंबी अवधि में चांदी अब भी मजबूत मानी जा रही है,लेकिन अल्पकाल में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और निवेश से पहले बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है.
आज देश के प्रमुख शहरों में चांदी के अनुमानित दाम
शहरों के रेट में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है.
- दिल्ली: ₹3,95,000 प्रति किलो
- मुंबई: ₹3,94,500 प्रति किलो
- पटना: ₹3,96,000 प्रति किलो
- कोलकाता: ₹3,95,500 प्रति किलो
- चेन्नई: ₹4,00,000 प्रति किलो
- बेंगलुरु: ₹3,94,800 प्रति किलो
वहीं,रेट बाजार खुलने के साथ बदल भी सकते हैं.
क्या आगे फिर चढ़ेगी चांदी?
बाजार जानकारों का कहना है कि चांदी की कीमतों में लंबी अवधि में मजबूती बनी रह सकती है. ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इंडस्ट्रियल डिमांड में चांदी की खपत बढ़ रही है, जिससे भविष्य में इसकी मांग मजबूत रह सकती है. हालांकि, शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता.
गहने खरीदते समय क्या रखें विशेष ध्यान?
अगर आप चांदी के गहने खरीदने जा रहे हैं तो उसका हॉलमार्क जरूर देखें, भाव के साथ मेकिंग चार्ज भी पूछें, बिल लेना न भूलें और कीमत गिरने पर जल्दबाजी में खरीदने से पहले बाजार की चाल समझना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.



