भारत ने अपनी पूर्वी सीमा पर सुरक्षा को पहले से कहीं ज्यादा बढा दिया है। दरअसल, सिलिगुड़ी कॉरिडोर—जिसे आम भाषा में चिकन नेक कहा जाता है। वह अब भारत के सबसे सुरक्षित सैन्य जोन में से एक है। यह चिकन नेक 22 किलोमीटर चौड़ा है, जो उत्तर-पूर्वी भारत के 7 राज्यों को देश की भूमि से जोड़ता है। ऐसे में यह स्थान रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
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बता दें कि भारत सरकार के द्वारा इस स्थान पर 3 नए मिलिट्री स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, जो आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र को अभेद्य सुरक्षा कवच देंगे।
3 नए सैन्य स्टेशन – रणनीति का नया चक्रव्यूह
- असम के धुबरी के पास “लाचित बोरफुकन मिलिट्री स्टेशन” बनाया जा रहा है।
- बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में दो फॉरवर्ड बेस तैयार होंगे।
- चोपड़ा फॉरवर्ड बेस बांग्लादेश की सीमा से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर है। ये सिर्फ सामान्य सैन्य अड्डे नहीं, बल्कि रैपिड डिप्लॉयमेंट फोर्स, पैरा-स्पेशल कमांडो, इंटेलिजेंस यूनिट और अत्याधुनिक सर्विलांस तकनीक से लैस है।
- इन स्टेशनों से सेना किसी भी खतरे का सेकंडों में पहचान कर तुंरत जवाब देगी।
पूर्वी सीमा पर तैनात शक्तिशाली हथियार
वही, भारत ने सिक्योरिटी अपग्रेड को भी ध्यान में रखते हुए पूर्वी सेक्टर में राफेल लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम जैसी आधुनिक सैन्य क्षमताएं तैनात की है। ये सभी हथियार न सिर्फ निगरानी को बेहतर बनाएंगे, बल्कि संभावित दुश्मन को किसी भी आक्रामक हमले से पहले ही कई बार सोचने पर मजबूर करेगी।

भारत का प्रो-एक्टिव कदम
भारत ने यह तैयारी बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद की है। जब शेख हसीना की जगह मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में आए अंतरिम प्रशासन की विदेश नीति में चीन और पाकिस्तान को ज्यादा तरजीह मिल रही है।
खबरों के अनुसार, बांग्लादेश चीन से J-10C लड़ाकू विमान खरीदने और ड्रोन टेक्नोलॉजी बढ़ाने की योजना बनाई है। साथ ही पाकिस्तान भी उसे JF-17 जेट ऑफर कर चुका है। इसी स्थिति को देखते हुए भारत ने रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रो-एक्टिव रणनीति अपनाई है।
भारत हर तरह के हमले के लिए तैयार
देखा जाए तो अब से सिलिगुड़ी कॉरिडोर भारत की कमजोरी नहीं, बल्कि एक मजबूत सामरिक संपत्ति है। भारत ने दुनिया को संकेत दिया है कि उसकी क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी तरह का अब समझौता नहीं होगा।
यदि पड़ोसी किसी भी तरह की गलत रणनीति अपनाते हैं, तो उनका सामना आधुनिक और तैयार भारतीय सेना से होगा। भारत अब अपनी पूर्वी सीमा को हर खतरे से निपटने के लिए 24×7 फुल-प्रूफ सुरक्षा में है।
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