Delhi Missing People: दिल्ली से चौका देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि, दिल्ली में लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यह स्थिति पुलिस और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है। दरअसल, जनवरी 2026 के शुरुआत 27 दिनों में दिल्ली से करीब 800 लोग गायब हो गए हैं, जिनमें 137 बच्चे भी शामिल हैं। इनमें से पुलिस ने केवल 235 लोगों को ट्रेस किया है, जबकि 572 लोग अब भी लापता हैं।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में हर दिन 27 लोग गायब हो रहे हैं, जिनमें महिलाएं, लड़कियां और बच्चे शामिल हैं। हालांकि, पुलिस हर दिन लगभग 9 लोगों को ट्रेस करने में सफल हो रही है, फिर भी गायब होने वालों की संख्या काफी चिंता की है।
लापता लोगों में महिलाएं और बच्चे सबसे अधिक
बता दें कि दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, लापता लोगों में सबसे ज्यादा महिलाएं और लड़कियां हैं। जिसमें नाबालिगों में भी युवतियों की संख्या ज्यादा है, जिनकी उम्र 12 से 18 साल के बीच है।बताया जा रहा है कि, यह केवल रोज़मर्रा के खो जाने के मामले नहीं हैं, बल्कि कुछ मामलों में अपहरण और अन्य अपराध भी हो सकते हैं। बता दें कि, पिछले 11 सालों के आंकड़े भी डराने वाले हैं। 2015 से 2025 तक दिल्ली से 5559 बच्चे गायब हुए, जिनमें से 695 बच्चों का कोई पता नहीं मिला है। इसका मतलब है कि हर साल औसतन दर्जनों बच्चे ऐसे हैं जिनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाती।
2026 में लापता होने वाले बच्चे
- 0 से 8 साल के बच्चे: जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में कुल 9 बच्चे लापता हुए, जिनमें 6 लड़के थे। अब तक 3 बच्चों को ट्रेस किया गया है, जबकि 6 का कोई सुराग नहीं मिला।
- 8 से 12 साल के बच्चे: इस उम्र वर्ग के कुल 13 बच्चे लापता हुए, जिनमें से केवल 3 को ट्रेस किया गया और 10 अभी भी लापता हैं।
- 12 से 18 साल के बच्चे: कुल 169 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 48 को ट्रेस किया गया और 121 बच्चे अभी भी गायब हैं।
- इस 2026 के पहले 27 दिनों में कुल 137 बच्चे (0-18 साल) लापता हुए और उनका कोई पता नहीं मिला।

पिछले सालों के आँकड़े
दरअसल, साल 2025 में दिल्ली से 5915 बच्चे गायब हुए, जिनमें से 4424 को ट्रेस किया गया और 1491 बच्चे अभी भी लापता हैं। 2016 से 2026 के बीच कुल 60694 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 53763 को ढूंढा गया, लेकिन 6931 बच्चे अब भी अनसुलझे हैं। यानी, गायब होने वाले बच्चों में से लगभग 11 प्रतिशत बच्चे आज भी अपने घरों और परिवारों से दूर हैं।
वयस्कों का डेटा
वयस्कों में भी गायब होने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। जनवरी 2026 के पहले 27 दिनों में 616 वयस्क लापता हुए, जिनमें से 181 का पता चला (90 पुरुष और 91 महिलाएं), जबकि 435 वयस्क अभी भी लापता हैं।
पुलिस और समाज की चुनौती
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में हर साल दर्ज होने वाले लापता लोगों के मामलों में केवल ट्रेस करने में ही सफलता नहीं मिलती। कई बार परिवारों की रिपोर्ट के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिलता। वहीं, जिपनेट (Zonal Integrated Police Network) जैसे पुलिस डेटाबेस के अनुसार, 2015 से 2025 तक हजारों लापता होने की शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन कई लोगों का आज भी पता नहीं चला है। जिसमें बच्चों और महिलाओं के मामले अधिक गंभीर हैं क्योंकि इनमें अपहरण, मानव तस्करी और अन्य अपराधिक गतिविधियों की आशंका रहती है। समाज को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है और बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने होंगे।
दिल्ली में रोज़ाना 27 लोग गायब
दिल्ली में रोज़ाना 27 लोग गायब हो रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर ये लोग कहां जा रहे हैं और जिन बच्चों का कोई पता नहीं मिलता, उनके साथ क्या हुआ होगा। इस सवाल का जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है। साथ ही, पुलिस और समाज को मिलकर इस समस्या के समाधान के लिए कदम उठाना होंगे, क्योंकि दिल्ली में लापता होने वाले लोगों की लगातार बढ़ती संख्या न सिर्फ चिंता बढ़ा रही है, बल्कि यह समाज के लिए एक गंभीर चिंता भी है। वहीं, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाना आज बेहद जरूरी है।
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