Rabies Vaccine India: भारत में आवरा कुत्तों के काटने की घटनाएं काफी बढ़ती जा रही हैं। जिसमें 2025 में लाखों डॉग बाइट के मामले आए हैं और रेबीज से कई लोगों को मौत हुई हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन ने भारत में रेबीज वैक्सीन ‘अभयरब’ की नकली दवा होने की चेतावनी जारी की है।
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रेबीज का मामला (Rabies Case)
दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 2023 से भारत में अभयरब वैक्सीन की नकली बैच हो रही है। जिसमें कुत्ते के काटने पर वैक्सीन लगवाने वाले पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं। साथ ही, भारत को सलाह के तौर पर यह वैक्सीन लगवाने वाले यात्रियों को नई डोज जरूर लेनी चाहिए।बताया जा रहा है कि, अमेरिका के CDC और ब्रिटेन की स्वास्थ्य एजेंसियों ने भी चेतावनी दी कि भारत से लौटे यात्रियों में रेबीज के मामले की जांच हो।

अभयरब वैक्सीन (Abhayrab Vaccine)
जानकारी के अनुसार, अभयरब वैक्सीन इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (IIL) कंपनी बनाती है। वहीं, भारत में यह रेबीज वैक्सीन को सबसे ज्यादा इस्तमाल किया जाता है। जिसमें यह वैक्सीन बाजार में 40% हिस्सा रखती है, जिसकी पैकेजिंग की गड़बड़ी जनवरी 2025 में पकड़ी गई थी। वहीं, नकली बैच को तुरंत बाजार से बंद करा दिया गया। वहीं, कंपनी का कहना है कि 2023 का जिक्र गलत है और वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। जिसमें सभी बैच सरकारी लैब से टेस्ट होकर आते हैं।
भारतीय एक्सपर्ट्स की सलाह (Indian Experts Advice)
भारतीय एक्सपर्ट्स का कहना है कि, रेबीज से ज्यादातर मौत तब होती जब इलाज में लापरवाही हो, जैसे घाव को ठीक से धोना या इम्युनोग्लोबुलिन न देना। वहीं, अगर वैक्सीन की एक डोज जरूरी है, तो बाकी डोज और सही इलाज से मरीज सुरक्षित रहता है।
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