क्या है ATMS ?
ATMS का मतलब है एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम। इसका काम सड़क हादसों को रोकना, ट्रैफिक को बेहतर बनाना और नियमों का पालन कराना है। इस सिस्टम के जरिए कैमरों और सेंसर से गाड़ियों की निगरानी होती है।
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जो भी गाड़ी नियम तोड़ती है, उसका वीडियो और फोटो रिकॉर्ड होता है। फिर यह रिकॉर्ड NIC (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर) को भेजा जाता है। वहां से आगे की कार्रवाई होती है।
कैसे काम करता है ये सिस्टम ?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, द्वारका एक्सप्रेसवे के कंट्रोल रूम में सभी गाड़ियों की लाइव मॉनिटरिंग होती है। वहां लगे हाई-टेक कैमरे और AI सिस्टम गाड़ियों की स्पीड, गलत लेन में चलना, हेलमेट और सीट बेल्ट का उल्लंघन जैसी 14 तरह की घटनाओं की पहचान करते हैं।
उदाहरण के तौर पर एक SUV 163 किमी/घंटा की स्पीड से दौड़ती मिली। उसकी पूरी वीडियो और फोटो रिकॉर्डिंग हुई और तुरंत नियम तोड़ने का सबूत तैयार हुआ।
कौन-कौन से सिस्टम लगे हैं ATMS में ?
ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरा सिस्टम (TMCS)

वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड एनफोर्समेंट सिस्टम (VIDES)

वीकल स्पीड डिस्प्ले सिस्टम (VASD)

वैरिएबल मैसेज साइन (VMS)

फाइबर केबल नेटवर्किंग

क्यों जरूरी है ये सिस्टम ?
भारत में नेशनल हाईवे की लंबाई भले ही कुल सड़क का सिर्फ 2% है, लेकिन यहां होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में 35% से ज्यादा मौतें होती हैं। इसी वजह से NHAI ने अक्टूबर 2023 में ये नई पॉलिसी बनाई और ATMS सिस्टम लागू किया।
24 घंटे निगरानी
56.46 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे पर 110 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगे हैं। ये दिन-रात ट्रैफिक पर नजर रखते हैं। वहीं, खास जगहों पर VIDES गैन्ट्री लगाए गए हैं जो ओवर स्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट जैसी घटनाओं को पकड़ते हैं।
क्या मिलेगा फायदा ?
ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ेगा
सड़क हादसे कम होंगे
समय रहते दुर्घटना की सूचना मिलेगी
चालान भी डिजिटल तरीके से सीधे कटेगा
द्वारका एक्सप्रेसवे पर लगे VASD और VMS बोर्ड भी लोगों को उनकी स्पीड और ट्रैफिक अलर्ट की जानकारी देंगे।
पूरे देश में लागू हो सकता है मॉडल
द्वारका एक्सप्रेसवे पर ATMS की सफलता के बाद इसे दूसरे राज्यों में भी लागू करने की योजना है। इससे पूरे देश में ट्रैफिक सिस्टम बेहतर और सड़कें ज्यादा सुरक्षित बनाई जा सकती हैं।
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