Farooq Abdullah Attack: जम्मू से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई. बताया जा रहा है कि हमलावर ने बेहद करीब से पिस्टल तानकर गोली चलाने की कोशिश की. हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण डॉ. फारूक अब्दुल्ला इस हमले में बाल-बाल बच गए.
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं. पुलिस ने हमलावर को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल के रूप में हुई है.
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी ने पुलिस पूछताछ में दावा किया है कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला की हत्या की योजना बना रहा था.
शादी समारोह में हुई घटना
यह घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में स्थित रॉयल पार्क में हुई. यहां एक शादी समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद थीं. डॉ. फारूक अब्दुल्ला भी इस समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. कार्यक्रम के दौरान मेहमानों से मुलाकात करते समय अचानक एक व्यक्ति उनके बेहद करीब पहुंच गया.
बताया जाता है कि आरोपी ने मौका देखकर अपनी पिस्टल निकाली और फारूक अब्दुल्ला की कनपटी के पास सटाकर गोली चलाने की कोशिश की. मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हमलावर को पकड़ लिया। अगर सुरक्षा कर्मियों को कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी.
एनएसजी कमांडो की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
घटना के समय फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में मौजूद कमांडो बेहद सतर्क थे. जैसे ही आरोपी ने हथियार निकाला, सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे काबू में कर लिया. सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि हमलावर गोली चलाने से पहले ही पकड़ा गया. इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई.
कौन है कमल सिंह जम्वाल?
पुलिस के अनुसार हमलावर की पहचान कमल सिंह जम्वाल के रूप में हुई है. वह जम्मू क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह पिछले कई वर्षों से फारूक अब्दुल्ला के प्रति गहरी नाराजगी रखता था. पुलिस पूछताछ में उसने दावा किया कि वह करीब 20 वर्षों से इस हमले की योजना बना रहा था. हालांकि पुलिस अभी इस बयान की सत्यता की जांच कर रही है.
पुलिस पूछताछ में क्या बोला आरोपी?
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की. सूत्रों के अनुसार आरोपी ने कहा कि वह लंबे समय से फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ गुस्सा रखता था और मौका मिलने का इंतजार कर रहा था. उसने कथित तौर पर कहा कि वह पिछले दो दशकों से इस योजना को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था. हालांकि पुलिस इस दावे को गंभीरता से जांच रही है.
क्या था आतंकी एंगल?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि क्या इस हमले के पीछे कोई आतंकी संगठन शामिल है. लेकिन पुलिस ने फिलहाल आतंकी एंगल से इनकार किया है. जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपी घटना के समय नशे की हालत में लग रहा था. हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है.
मौके पर मची अफरा-तफरी
जैसे ही यह घटना हुई, शादी समारोह में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. कई लोग घबरा गए और कुछ समय के लिए कार्यक्रम में हड़कंप की स्थिति बन गई. सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और सभी मेहमानों की सुरक्षा सुनिश्चित की.
इस हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला पूरी तरह सुरक्षित हैं. घटना के बाद उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया.डॉक्टरों ने भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच की और बताया कि उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई है.
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा नाम
फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर की राजनीति के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं.वे कई बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं. उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में से एक है.
राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद कई राजनीतिक नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विभिन्न दलों के नेताओं ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए.कई नेताओं ने फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी सुरक्षा के बावजूद किसी व्यक्ति का हथियार लेकर इतने करीब पहुंच जाना चिंता का विषय है.हालांकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उन्होंने तुरंत कार्रवाई करके स्थिति को नियंत्रित कर लिया.
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