Farsa Wale Baba: मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध संत चंद्रशेखर की मौत ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। जिसमें यह घटना ईद के दिन सुबह हुई है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। साथ ही,बताया जा रहा है कि बाबा गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे, तभी उन्हें वाहन से कुचल दिया गया। इस घटना के बाद से लोग इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या मान रहे हैं और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं,घटना के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि दिल्ली-आगरा हाईवे पर लंबा जाम लग गया है। जिस वजह से सैकड़ों पर गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया है, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।
जानकारी के अनुसार पुलिस मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी भी स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं हुई है। जिसमें प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से पहचान बनाने वाले संत चंद्रशेखर एक स्थानीय गौरक्षक थे। जिसमें वे गौ तस्करी के खिलाफ सक्रिय रूप से काम करते थे और इलाके में उनकी पहचान एक सख्त और साहसी व्यक्ति के रूप में थी।जिसमें लोगों का कहना है कि बाबा अक्सर गौ तस्करों का पीछा करते थे और कई बार उन्हें पकड़वाने में भी भूमिका निभाते थे। इसी कारण वे क्षेत्र में काफी चर्चित थे और उनके समर्थकों की संख्या भी अच्छी-खासी थी।
कैसे हुई मौत?
जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 4 बजे की है। जिसमें कोसीकलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास संत चंद्रशेखर बाइक से कथित गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि तस्करों ने उन्हें अपने वाहन से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।हालांकि, पुलिस अभी जांच कर रही है कि यह जानबूझकर किया गया हमला था या फिर भागते समय हुआ हादसा।
हत्या या हादसा उठ रहे सवाल
जानकारी के आधार पर इस घटना को लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। जिसमें हत्या का आरोप है कि स्थानीय लोग और समर्थक इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। जिसमें उनका कहना है कि बाबा को जानबूझकर कुचलकर मारा गया है। साथ ही,हादसे की संभावना है। जिस्म कुछ लोगों का कहना है कि आरोपी भागने की कोशिश में थे और इसी दौरान यह घटना हो गई, जो एक हादसा भी हो सकता है।अब फिलहाल सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी।
एक आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार
दरअसल,घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया है। लेकिन अभी भी तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।जिसमें पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी में देरी के कारण लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।
हाईवे जाम और बढ़ता आक्रोश
जानकारी के मुताबिक घटना के बाद गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया है।
- सैकड़ों वाहन सड़क पर फंस गए।
- लंबी दूरी तक ट्रैफिक जाम लगा।
- यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
बता दें कि हालात उस समय और बिगड़ गए जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा गया है। जिसके बाद हालात को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।अब पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात कर दी गई है।
सरकार का रुख सख्त
जानकारी के लिए बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। जिसमें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।कानून-व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जाए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद मथुरा-वृंदावन जैसे संवेदनशील इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जिसमें लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई है, क्या पुलिस को पहले से कोई सूचना नहीं थी। जिसमें गौ तस्करी जैसी गतिविधियां अभी भी कैसे चल रही हैं।
क्या आगे बढ़ सकता है विवाद?
दरअसल,यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अब यह भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बन गया है। जिसमें एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मामला और बढ़ सकता है।सामाजिक तनाव बढ़ने की संभावना है कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
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