UAN Number: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कई कर्मचारी समय के साथ अपना UAN नंबर भूल जाते हैं। वहीं, ऐसे में जब उन्हें PF खाते से पैसे निकालने की जरूरत पड़ती है, तो परेशानी बढ़ जाती है। हालांकि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि घर बैठे ऑनलाइन तरीके से UAN नंबर दोबारा पाया जा सकता है और PF का पैसा भी आसानी से निकाला जा सकता है।
जानकारी के अनुसार, UAN यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO द्वारा जारी किया गया 12 अंकों का विशेष नंबर होता है। यह नंबर कर्मचारी के पूरे करियर में एक जैसा रहता है, चाहे वह कितनी भी बार नौकरी बदल ले। यूएएन के जरिए अलग-अलग कंपनियों के पीएफ अकाउंट एक ही प्लेटफॉर्म से जुड़े रहते हैं, जिससे बैलेंस चेक करना, पासबुक डाउनलोड करना और केवाईसी अपडेट करना आसान हो जाता है।
यूएएन भूल जाने पर कैसे पाएं दोबारा
अगर आप अपना UAN नंबर भूल गए हैं, तो इसे ऑनलाइन कुछ आसान स्टेप्स में दोबारा हासिल किया जा सकता है। बता दें कि सबसे पहले EPFO सदस्य ई-सेवा पोर्टल पर जाएं और “अपना यूएएन जानें” विकल्प चुनें। इसके बाद अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। मोबाइल पर मिले ओटीपी को भरने के बाद अपना नाम, जन्मतिथि और पैन, आधार या सदस्य आईडी जैसी जानकारी दर्ज करनी होती है। सभी जानकारी सही भरने पर “Show My UAN” पर क्लिक करते ही आपका यूएएन स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है।
UMANG ऐप और SMS से भी मिल सकता है यूएएन
ऑनलाइन पोर्टल के अलावा यूएएन पाने के दूसरे तरीके भी मौजूद हैं। सरकार का UMANG ऐप (UMANG App) डाउनलोड करके EPFO सेवाओं में जाकर “Know Your UAN” विकल्प चुना जा सकता है। यहां ओटीपी सत्यापन के बाद यूएएन मिल जाता है। वहीं, इसके अलावा पंजीकृत मोबाइल नंबर से 7738299899 पर निर्धारित फॉर्मेट में एसएमएस भेजकर भी यूएएन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह तरीका उन लोगों के लिए उपयोगी है जो इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते।

यूएएन मिलने के बाद पीएफ पैसा कैसे निकालें
जानकारी के मुताबिक,यूएएन मिल जाने के बाद पीएफ निकालने की प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है। इसके लिए सबसे पहले EPFO पोर्टल पर यूएएन और पासवर्ड से लॉग-इन करना होता है। लॉग-इन करने के बाद “ऑनलाइन सर्विस” टैब में जाकर “क्लेम (फॉर्म-31, 19, 10C और 10D)” विकल्प चुनना पड़ता है।
- फॉर्म 19: पूरा पीएफ निकालने के लिए
- फॉर्म 10C: 10 साल से कम सेवा होने पर पेंशन राशि निकालने के लिए
- फॉर्म 31: आंशिक निकासी या अग्रिम के लिए। बता दें कि सही ऑप्शन चुनने के बाद पता और निकासी का कारण भरना होता है। फिर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है, जिसे दर्ज कर फॉर्म जमा किया जाता है। आवेदन सफल होने के बाद कुछ दिनों में पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाता है।
ऑनलाइन प्रक्रिया क्यों है फायदेमंद
दरअसल, पहले PF निकालने के लिए कर्मचारियों को क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे और कागजी प्रक्रिया लंबी होती थी। अब यूएएन आधारित ऑनलाइन सिस्टम से यह काम घर बैठे पूरा हो जाता है। इससे समय की बचत होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और नियोक्ता पर निर्भरता कम हो जाती है। वहीं, इसके अलावा यूएएन एक्टिव होने पर कर्मचारी कभी भी अपना पीएफ बैलेंस देख सकता है, पासबुक डाउनलोड कर सकता है और नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर भी आसानी से कर सकता है। यही वजह है कि यूएएन को कर्मचारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
पीएफ निकालने से पहले कुछ जरूरी शर्तों का ध्यान रखना चाहिए। यूएएन एक्टिव होना चाहिए और आधार, पैन तथा बैंक खाते की केवाईसी (KYC – Know Your Customer) पूरी तरह अपडेट होनी चाहिए। मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना जरूरी है, क्योंकि ओटीपी सत्यापन के बिना ऑनलाइन क्लेम पूरा नहीं होता।
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