FSSAI Milk Rule 2026: देश में दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट की बढ़ती शिकायतों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, अब कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के दूध का उत्पादन और बिक्री नहीं कर सकेगी। बता दें कि यह आदेश भारत की खाद्य सुरक्षा संस्था Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने जारी किया है। साथ ही,इस नए नियम का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावटखोरों पर सख्ती करना है।
जानकारी के अनुसार, देश के कई हिस्सों से दूध में डिटर्जेंट, यूरिया, स्टार्च और अन्य हानिकारक पदार्थ मिलाने की खबरें सामने आती रही हैं। इन घटनाओं को देखते हुए सरकार ने दूध के कारोबार को ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए यह फैसला लिया है।
क्या है नया नियम
FSSAI के अनुसार, अब भारत में दूध का व्यापार करने वाले सभी लोगों को लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन लेना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि कोई भी डेयरी व्यापारी, दूध विक्रेता, प्रोसेसिंग यूनिट या दूध से जुड़े व्यवसाय बिना वैध लाइसेंस के काम नहीं कर पाएंगे। साथ ही,यह नियम पूरे देश में लागू होगा और इसका पालन करवाने की जिम्मेदारी राज्यों के खाद्य सुरक्षा विभागों को दी गई है। इससे दूध के कारोबार को एक व्यवस्थित ढांचे में लाने की कोशिश की जा रही है।
सरकार का कहना है कि जब हर दूध विक्रेता और उत्पादक पंजीकृत होगा, तब उसकी निगरानी आसान होगी और मिलावट पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
किसानों और पशुपालकों के लिए राहत
दरअसल, इस फैसले के बाद कई किसानों और पशुपालकों को चिंता थी कि उन्हें भी लाइसेंस लेना पड़ेगा। लेकिन FSSAI का कहना है कि यदि कोई किसान या पशुपालक किसी पंजीकृत डेयरी सहकारी समिति को दूध सप्लाई करता है, तो उसे अलग से लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। बता दें कि अगर कोई किसान अपने गांव की डेयरी सोसाइटी या सहकारी समिति से जुड़ा हुआ है और वहीं दूध देता है, तो उस पर यह नियम सीधे लागू नहीं होगा।इससे छोटे किसानों और पशुपालकों को राहत मिलेगी और उन्हें अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला
जानकारी के लिए बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देशों में से एक है। लेकिन इसके साथ ही दूध में मिलावट की समस्या भी लगातार सामने आती रही है। जिसमें कई जांच रिपोर्टों में पाया गया है कि कुछ लोग मुनाफा बढ़ाने के लिए दूध में हानिकारक रसायन मिलाते हैं। अब ऐसे में मिलावटी दूध से लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। जिसमें बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी खतरनाक हो सकता है। इसी वजह से FSSAI ने दूध के कारोबार को अधिक सख्ती से नियंत्रित करने का फैसला लिया है। बता दें कि सरकार का लक्ष्य है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध दूध मिल सके।
FSSAI का एक्शन प्लान
FSSAI ने इस नियम को लागू करने के लिए विस्तृत योजना भी बनाई है। इसके तहत कई स्तरों पर कार्रवाई की जाएगी।
विशेष रजिस्ट्रेशन अभियान
बता दें कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य आयुक्तों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में विशेष रजिस्ट्रेशन अभियान चलाएं। इस अभियान के माध्यम से दूध विक्रेताओं और कारोबारियों को लाइसेंस लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
फूड सेफ्टी अधिकारियों की जांच
दरअसल,फूड सेफ्टी ऑफिसर्स को आदेश दिया गया है कि वे बाजार, डेयरी यूनिट और दूध सप्लाई करने वाले कारोबारियों की जांच करें। यदि कोई बिना लाइसेंस के काम करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कूलिंग सिस्टम की निगरानी
दूध जल्दी खराब होने वाला उत्पाद है, इसलिए उसका सही तापमान पर भंडारण बहुत जरूरी होता है। इसी वजह से FSSAI ने दूध को ठंडा रखने वाले कूलिंग उपकरणों की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। इससे यह देखा जाएगा कि किया दूध सही तापमान पर रखा जा रहा है और उसकी गुणवत्ता खराब नहीं हो रही।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई
बता दें कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना लाइसेंस दूध बेचते हुए पकड़ी जाती है, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसमें जुर्माना, कारोबार बंद करना या कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है। अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करें।
सरकार का कहना है कि इस कदम से दूध के बाजार में अनुशासन आएगा और मिलावट करने वालों पर लगाम लगेगी।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है फायदा
दरअसल,इस नए नियम का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को होगा। जब दूध का कारोबार लाइसेंस के जरिए होगा, तब उसकी गुणवत्ता पर अधिक नियंत्रण रहेगा। साथ ही,उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित दूध मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही यदि किसी दूध विक्रेता के खिलाफ शिकायत आती है, तो उसकी पहचान करना भी आसान होगा क्योंकि वह पंजीकृत होगा। जिसमें सरकार का कहना है कि यह कदम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
दूध खरीदते समय क्या रखें ध्यान
एक्सपर्ट्स का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी दूध खरीदते समय कुछ सावधानियां रखनी चाहिए।
- कोशिश करें कि पंजीकृत डेयरी या विश्वसनीय ब्रांड से दूध खरीदें।
- पैकेट पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी जरूर देखें।
- खुले दूध के मामले में भरोसेमंद स्रोत से ही खरीदारी करें।
- दूध में अजीब गंध या स्वाद महसूस हो तो उसका उपयोग न करें।
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