LPG Cylinder Supply India: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों पर असर की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिसमें सरकार ने साफ कहा है कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और गैस सिलेंडर की सप्लाई भी सामान्य तरीके से जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) की सप्लाई भी राज्यों को दी जाएगी, ताकि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
जानकारी के लिए बता दें कि सरकार का यह भी कहना है कि शहरी क्षेत्रों में लोगों को करीब 25 दिन में LPG सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह अवधि लगभग 45 दिन रखी गई है। जिसमें यह व्यवस्था आपूर्ति को बेहतर तरीके से मैनेज करने और सभी तक गैस पहुंचाने के लिए की गई है।
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार ने दी सफाई
बता दें कि हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल शिपिंग प्रभावित होने की खबरों से दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी बीच भारत सरकार ने प्रेस वार्ता कर स्थिति का हल निकल लिया है। जिसमें पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत रोजाना लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और फिलहाल इसकी आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है और सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग देश बन चुका है और घरेलू स्तर पर कच्चे तेल का उत्पादन भी बढ़ रहा है।
LPG की सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं
सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस सिलेंडर की कमी की अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों के मुताबिक भारत में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात के जरिए आता है, लेकिन फिलहाल इसकी सप्लाई पूरी तरह ठीक है।साथ ही, पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सभी गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों को आदेश दिया गया है कि वे सप्लाई चेन को लगातार चालू रखें, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल सके। सरकार ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर कमर्शियल गैस सिलेंडरों की अतिरिक्त आपूर्ति भी राज्यों को दी जाएगी।
शहर और गांव के लिए अलग-अलग व्यवस्था
सरकार ने गैस वितरण को बेहतर बनाने के लिए शहर और गांव के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की है।
- शहरी क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की आपूर्ति लगभग 25 दिनों में की जाएगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर की उपलब्धता 45 दिनों के भीतर सुनिश्चित की जाएगी।
केरोसिन (मिट्टी का तेल) की भी होगी सप्लाई
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जरूरत पड़ने पर राज्यों को 48,000 लीटर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में राहत मिलेगी जहां अब भी कई परिवार खाना बनाने या अन्य जरूरतों के लिए मिट्टी के तेल पर निर्भर हैं। वहीं, इसके अलावा बिजली उत्पादन और औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोयले की आपूर्ति भी बढ़ाने की तैयारी की गई है।
जहाजों के लिए एडवाइजरी, कंट्रोल रूम सक्रिय
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि समुद्री मार्गों पर स्थिति को देखते हुए जहाजों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसके साथ ही 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाया गया है जो लगातार जहाजों की गतिविधियों और सुरक्षा की निगरानी कर रहा है। सरकार का कहना है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद जारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों की मदद के लिए दूतावास लगातार काम कर रहे हैं।
- ईरान में लगभग 9,000 भारतीयों को सहायता दी जा रही है।
- दुबई में फंसे एक भारतीय नाविक के शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।
- यूएई से भारत आने वाली उड़ानों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
फेक न्यूज से सावधान रहने की अपील
दरअसल, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी सी. सेंथिल राजन ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर लोगों से सावधान रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम उत्पादों की कमी से जुड़ी कई खबरें भ्रामक और पुरानी वीडियो क्लिप्स के जरिए फैल रही हैं। लोगों को ऐसी खबरों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। सरकार ने टीवी चैनलों और मीडिया संस्थानों से भी कहा है कि वे पुराने वीडियो या तस्वीरों को बार-बार प्रसारित करने से बचें और खबरों के साथ सही तारीख और समय जरूर दिखाएं।
सरकार ने भरोसा दिलाया ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित
जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर्याप्त है और सभी जरूरी इंतजाम किए जा चुके हैं। सरकार के अनुसार भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक भंडार, आयात व्यवस्था और रिफाइनिंग क्षमता है, जिससे किसी भी संकट की स्थिति में देश की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। साथ ही, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।
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