Gold-Silver Rates: सोना और चांदी (Gold-Silver) की कीमतों में एक बार फिर से तेज उछाल देखने को मिल रहा है। बता दें कि आज सोमवार को चांदी की कीमत ₹15,000 से ज्यादा बढ़ी है, वहीं सोना भी ₹3,700 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है। जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में इस तेजी की वजह और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्थिति चिंता का विषय नहीं है, लेकिन इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों की वजह
निर्मला सीतारमण का कहना है कि हालिया तेजी केवल भारत की घरेलू मांग से प्रभावित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर कई सेंट्रल बैंक बड़े पैमाने पर सोना और चांदी खरीद रहे हैं और उन्हें अपने रिज़र्व में जोड़ रहे हैं। इस वजह से Gold-Silver Rates में सामान्य उतार-चढ़ाव से कहीं ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है। बता दें कि फाइनेंशियल मार्केट्स के एक्सपर्ट्स भी इस बात से सहमत हैं कि सोने और चांदी की कीमतें अब केवल स्थानीय मांग और त्योहारों से नहीं बल्कि ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और सेंट्रल बैंक की खरीदारी से प्रभावित हो रही हैं।
वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की रणनीति
वित्त मंत्री का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता, मुद्रा अस्थिरता और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर आकर्षित कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, US-Iran टेंशन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ की नई धमकियों (Trump Tariff Warnings) ने निवेशकों को सोने की ओर खींचा। इस वजह से सोना और चांदी की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब वैश्विक शेयर मार्केट में अस्थिरता होती है, तो निवेशक अपनी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए सोना और चांदी जैसी स्थिर धातुओं में निवेश करते हैं। यही कारण है कि Gold-Silver Rates में उछाल लगातार बढ़ रहा है।
भारतीय परिवारों के लिए सोना हमेशा पसंदीदा
जानकारी के लिए बता दें भारत में सोना निवेश का सबसे लोकप्रिय ऑप्शन रहा है। वहीं, चाहे अक्षय तृतीया, शादी या अन्य शुभ अवसर हों, इस समय सोने की मांग हमेशा बढ़ जाती है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि भारत में सोने की घरेलू खोज और निष्कर्षण के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। इसलिए, देश में सोने की मांग को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। हालांकि, सरकार ने इस दिशा में कुछ कदम उठाए हैं, जैसे घरेलू सोना उत्पादन बढ़ाने के प्रयास, लेकिन यह मौजूदा डिमांड को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
Gold-Silver Rates की नवीनतम स्थिति
सोने की कीमत
दरअसल, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड ₹1,60,600 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले बंद से ₹3,724 महंगा है।
चांदी की कीमत
बता दें कि 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का भाव ₹2,68,875 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इसके पहले यह कीमत ₹2,52,944 प्रति किलोग्राम थी। इस हिसाब से चांदी में ₹15,931 का उछाल देखने को मिला।

वित्त मंत्री की टिप्पणियां
निर्मला सीतारमण का कहना है कि, सोना और चांदी की कीमतों में वृद्धि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, लेकिन फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। जिसमें भारत अपनी सोने की डिमांड पूरा करने के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है। अभी तक खरीदारी एक निश्चित सीमा से अधिक नहीं हुई है और RBI लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वे यह भी जोड़ती हैं कि सोना-चांदी में मौजूदा तेजी का मुख्य कारण ग्लोबल सेंट्रल बैंक की खरीदारी है, न कि केवल भारतीय बाजार की मांग।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं
मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि Gold-Silver Price में तेजी केवल मौसमी मांग या त्योहारों से नहीं बल्कि वैश्विक निवेश और सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven Asset) के रूप में सोने और चांदी की बढ़ती अहमियत से भी जुड़ी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार
- जब वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सोने और चांदी जैसी स्थिर संपत्ति में निवेश करते हैं।
- केंद्रीय बैंक और बड़ी संस्थाएं अपने रिज़र्व में सोना और चांदी जोड़कर कीमतों को ऊपर धकेल रही हैं।
- घरेलू मांग और त्योहारों के मौसमी उछाल के कारण भी कीमतों में हल्की बढ़ोतरी होती है।
घरेलू बाजार पर असर
जानकारी के अनुसार, सोने और चांदी की बढ़ती कीमतें भारतीय निवेशकों और ज्वैलरी मार्केट को सीधे प्रभावित कर रही हैं। ज्वैलरी दुकानदारों ने कहा कि ग्राहक अब सोना खरीदने में पहले की तुलना में अधिक सोच-विचार कर रहे हैं। जिसमें बैंक और वित्तीय संस्थान भी इस स्थिति पर नजर रख रहे हैं और ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि यदि वे सोना निवेश करना चाहते हैं तो लंबी अवधि के लिए करें।
सरकार के प्रयास
वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि सरकार घरेलू सोना उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो। हालांकि, वर्तमान में यह पर्याप्त नहीं है। जिसमें सरकार और RBI की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: सीएम योगी का बड़ा ऐलान,शिक्षामित्रों को ₹18 हजार मानदेय और शिक्षकों को 5 लाख कैशलेस इलाज सुविधा



