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सुभाष ने जताया दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल का शक
सुभाष का कहना है कि वह एक साधारण व्यक्ति हैं और इतने बड़े लेन-देन से उनका कोई लेना-देना नहीं। उन्हें शक है कि किसी ने उनके आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर फर्जी लेन-देन कर दिए हैं।
पुलिस और अफसरों से लगाई मदद की गुहार
नोटिस मिलने के बाद सुभाष ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि असली आरोपी पकड़े जा सकें।
कैसे हुआ 7 करोड़ का घोटाला ?
जानकारी के मुताबिक धौलाना के एक प्राइवेट अस्पताल से जुड़े दो बड़े जीएसटी ट्रांजेक्शन में सुभाष का नाम आ गया। एक में 3.27 करोड़ और दूसरे में 3.75 करोड़ रुपये की एंट्री सुभाष के नाम पर है। कुल मिलाकर ये रकम 7 करोड़ से ज्यादा की हो गई।
कानूनी फंस सकते हैं सुभाष
अगर सुभाष ये साबित नहीं कर पाए कि इन ट्रांजेक्शन से उनका कोई लेना-देना नहीं है, तो आयकर विभाग इसे उनकी अघोषित आय मान सकता है। इससे उन पर भारी टैक्स, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले अब ज्यादा आ रहे हैं, जहां आम लोगों के डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों के ट्रांजेक्शन किए जा रहे हैं। ऐसे में हर किसी को अपने डॉक्यूमेंट की समय-समय पर जांच करते रहना चाहिए।
जांच के आदेश, सुभाष को मिलेगी राहत ?
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि पीड़ित के साथ किसी भी हाल में अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और पूरे मामले की सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी।
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