कनाडा में पिता को मिली बेटे के शतक की खुशखबरी
जब हरवंश ने ये धमाकेदार पारी खेली, तब उनके पिता दमनदीप सिंह कनाडा के ब्राम्पटन में ट्रक चला रहे थे। सुबह 3 बजे उनके मोबाइल पर बधाई संदेशों की भरमार आ गई।
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दमनदीप ने बताया कि वो और उनके बड़े भाई क्रिकेट के बहुत शौकीन रहे हैं। वे अपने बेटे को टीम इंडिया की जर्सी में देखना चाहते थे।
बचपन से क्रिकेट का शौक

हरवंश गुजरात के गांधीधाम के रहने वाले हैं। उनके पिता और चाचा भी शौकिया क्रिकेट खेला करते थे। साल 2012 में उनके शहर में सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन ने एक क्रिकेट अकादमी खोली। दमनदीप ने हरवंश का दाखिला वहां करवा दिया।
युवराज सिंह के छक्कों ने बना दिया बाएं हाथ का बल्लेबाज

हरवंश को युवराज सिंह के खेलने का तरीका बहुत पसंद है। उन्होंने युवराज के 6 छक्कों वाला वीडियो देखा और उसी दिन तय कर लिया कि वह भी बाएं हाथ से बल्लेबाजी करेगा। युवराज को लाइव तो नहीं देखा, लेकिन ब्रॉड के खिलाफ उनके 6 छक्कों वाले वीडियो ने उन्हें दीवाना बना दिया।
कनाडा जाने से किया इनकार

साल 2017 में जब दमनदीप सिंह ने अपने परिवार के साथ कनाडा जाने का फैसला किया, तब हरवंश ने मना कर दिया। वो भारत में रहकर क्रिकेट खेलना चाहता था। हरवंश की जिद और मेहनत ने आज उसे भारत की अंडर-19 टीम तक पहुंचा दिया।
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