उत्तर भारत के ज्यादातर राज्य में भारी बारिश का कहर जारी है। देखा जाए तो उत्तराखंड, हिमाचल, कश्मीर और पंजाब समेत कई राज्यों में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कहीं बादल फट रहे हैं, कहीं भूस्खलन हो रहा है। कुछ स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। ऐसे में लाखों लोग बाढ़ और आपदा से प्रभावित हैं।
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वहीं, आम जनता के सुरक्षित व राहत पहुंचाने के लिए सेना, एयरफोर्स और प्रशासन लगातार राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ी मुश्किलें
भारी बारिश व नदियां उफान पर आने से उत्तराखंड के चमोली में नीति घाटी के पुल टूट गए। उत्तरकाशी में यमुना नदी उफान पर बनी हुई है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और बारिश से सड़कें बंद हो गई हैं। कुल्लू, शिमला और चंबा में जगह-जगह पहाड़ खिसकने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आज अचानक मणिमहेश में बादल फटने से यात्रा को रोकना पड़ा और हजारों श्रद्धालु रास्ते के बीच में फंसे हुए हैं।
कश्मीर और जम्मू हाई अलर्ट पर
बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश होने से कश्मीर के गुरेज़ और रियासी इलाकों में ज़मीन धंसने लगी है। ऐसे में जम्मू, उधमपुर और रामबन में भूस्खलन से हाईवे बीच में टूट गए हैं। इसके अलावा, कटरा में बारिश और बाढ़ से कई घरों और दुकानों में पानी घुसने के जनजीवन पर काफी असर पड़ रहा है।

पंजाब में बाढ़ आने से लोगों परेशान
पंजाब के कई जिलों में सैकड़ों गांव पानी में डूब गए हैं। किसानों के खेतों से लेकर घरों में पानी घुस गया है। ऐसे में राज्य के किसान बर्बादी का सामना कर रहे हैं।
अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट और फिरोजपुर में हालात काफी अधिक गंभीर हैं। खतरे को देखते हुए सेना और एनडीआरएफ हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाल रही है।
इसके अलावा, इन दिनों बिहार के मुंगेर और बेगूसराय में बाढ़ का पानी भर गया है। साथ ही, गुजरात के साबरकांठा और पंचमहल में घर और सड़कें डूब चुकी हैं।
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