नई दिल्ली। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस तय करने का अधिकार बैंकों का है, इसमें RBI की कोई भूमिका नहीं होती। यह बयान तब आया जब ICICI बैंक ने नए खातों के लिए मेट्रो और शहरी इलाकों में मिनिमम बैलेंस ₹10,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया।
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ICICI बैंक ने बढ़ाई मिनिमम बैलेंस लिमिट
- ICICI बैंक ने 1 अगस्त 2025 से नए खातों के लिए मेट्रो और
शहरी इलाकों में मिनिमम बैलेंस ₹50,000 कर दिया है। - इसके अलावा, सेमी-अर्बन शाखाओं में यह ₹25,000 और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹10,000 होगा।
- बैंक ने 2015 के बाद पहली बार यह बदलाव किया है, जिससे यह घरेलू बैंकों में
सबसे अधिक मिनिमम बैलेंस वाला बैंक बन गया है।

RBI ने दी सफाई
- RBI गवर्नर बोले- मिनिमम बैलेंस तय करना बैंकों की आजादी

- इस फैसले में RBI की कोई भूमिका नहीं होती।
- हर बैंक अपने ऑपरेशनल कॉस्ट और ग्राहकों की जरूरतों के आधार पर लिमिट तय करता है।
ग्राहकों पर असर और तुलना
- नए नियम का असर खासकर मेट्रो सिटी में नए खाते खोलने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।
- वहीं, SBI और PNB जैसे कई बड़े बैंकों में मिनिमम बैलेंस पेनल्टी खत्म कर दी गई है।
- इसके विपरीत, HDFC और Axis Bank में यह सीमा ₹2,500 से ₹12,000 के बीच है
- जिससे ग्राहकों को विकल्प चुनने में आसानी होती है।
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