Income Tax Rule: केंद्रीय बजट में मिडिल क्लास को सीधे टैक्स छूट भले ही न मिली हो, लेकिन इनकम टैक्स कानून में ऐसे अहम बदलाव किए गए हैं, जो आम लोगों को बड़ी राहत देने वाले हैं। साथ ही, सरकार ने टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने, मुकदमेबाजी घटाने और तकनीकी या अनजाने में हुई गलतियों पर सख्ती कम करने की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। बता दें कि, खास बात यह है कि अब कई मामलों में जेल की सजा खत्म कर दी गई है और केवल जुर्माना देकर मामला निपटाया जा सकेगा।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट
जानकारी के लिए बता दें कि,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट भाषण में साफ कहा है कि नया इनकम टैक्स एक्ट-2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। बताया जा रहा है कि, इसका मकसद टैक्स कानून को ज्यादा सरल, पारदर्शी और करदाता-हितैषी बनाना है। साथ ही, इनकम टैक्स कानून को अपराध की श्रेणी से बाहर निकालने (Decriminalization) की प्रक्रिया को जारी किया गया है।
टैक्स गड़बड़ी पर जेल नहीं, जुर्माने से राहत
नए नियमों के अनुसार अगर किसी टैक्सपेयर की आय में गड़बड़ी पाई जाती है या टैक्स छिपाया गया है, तो अब सीधे जेल नहीं भेजा जाएगा। वहीं, अब छोटे मामलों में केवल जुर्माना लगेगा। बता दें कि, अब गंभीर मामलों में भी अधिकतम सजा को घटाकर 2 साल कर दिया गया है, जिसे अदालत जुर्माने में बदल सकती है। पहले ऐसे मामलों में 7 साल तक की सजा का प्रावधान था।
तकनीकी गलतियों पर नरमी
सरकार का कहना है कि, कई बार टैक्स की गलती जानबूझकर नहीं होती, बल्कि नियमों की जटिलता या जानकारी की कमी के कारण होती है। इसलिए खातों का ऑडिट न कराना, ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट न देना, या कुछ वित्तीय जानकारियां समय पर न देने जैसी तकनीकी चूक पर अब सजा की जगह मामूली टैक्स लिया जाएगा।वहीं, इसके अलावा लेखा बही या दस्तावेज न देना, या वस्तु के रूप में भुगतान पर टीडीएस न काटना अब अपराध नहीं माना जाएगा।

NRI को मिली बड़ी राहत
बजट में एनआरआई (NRI) के लिए भी कई राहत भरे फैसले किए गए हैं। जिसमें पहले प्रॉपर्टी बेचते समय एनआरआई को TDS जमा करने के लिए TAN लेना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी। अब यह जिम्मेदारी भारतीय खरीदार की होगी, जो अपने PAN से TDS काटकर जमा करेगा। इससे एनआरआई को TAN लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विदेशी संपत्ति के खुलासे पर नई सीमा
सरकार ने विदेशी आय और संपत्ति के खुलासे से जुड़े नियमों को भी आसान किया है।
- बता दें कि, जिन लोगों की विदेश में गैर-अचल संपत्ति (जैसे बैंक बैलेंस, शेयर आदि) की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है और उसका खुलासा नहीं हुआ है, उन पर कोई दंड या कार्रवाई नहीं होगी।
- जिन एनआरआई ने विदेशी आय बताई है, लेकिन संपत्ति घोषित नहीं कर पाए, उनके लिए 1 अक्टूबर 2024 से कोई दंड या अभियोजन नहीं होगा।
दो विकल्प दिए गए एनआरआई को
- जिन्होंने विदेशी आय या संपत्ति की जानकारी बिल्कुल नहीं दी है, उनके लिए सीमा 1 करोड़ रुपये रखी गई है। ऐसे करदाताओं को छुपी हुई आय या संपत्ति पर 30% टैक्स और 30% अतिरिक्त टैक्स देना होगा। इतना भुगतान करने पर कोई जुर्माना या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
- जिन्होंने आय तो बताई है, लेकिन संपत्ति घोषित नहीं की, उनके लिए सीमा 5 करोड़ रुपये तय की गई है। ऐसे मामलों में केवल 1 लाख रुपये का शुल्क देकर जुर्माना और अभियोजन से पूरी राहत मिल जाएगी।
अपील और पेनल्टी नियम भी बदले
- टैक्स निर्धारण और दंड से जुड़ी कार्यवाही अब एक ही सामान्य आदेश में निपटाई जाएगी।
- अपील की अवधि के दौरान पेनल्टी पर कोई ब्याज नहीं लगेगा।
- अपील के लिए पहले जमा की जाने वाली राशि 20% से घटाकर 10% कर दी गई है।
- पुनर्मूल्यांकन के बाद भी करदाता को रिटर्न अपडेट करने की अनुमति होगी, जिसमें लागू टैक्स के साथ 10% अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख
नए नियमों के आधार पर आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। गैर-ऑडिट व्यापार मामलों और ट्रस्टों को रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 अगस्त तक का समय मिलेगा।
यहां जानें क्या है सरकार का मकसद
जानकारी के लिए बता दें कि, इन सभी बदलावों का उद्देश्य टैक्स कानून को डर का साधन नहीं, बल्कि सहयोग और भरोसे का सिस्टम बनाना है। सरकार चाहती है कि ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक मुकदमेबाजी और जेल के डर से राहत मिले, जबकि गंभीर टैक्स चोरी पर उचित कार्रवाई जारी रहे।
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