IND vs ENG U19 Final: ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। जिसमें भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है और वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी की बदौलत 50 ओवर में 411/9 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। साथ ही, लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 9 ओवर के बाद 51 रन पर एक विकेट गंवा दिया है। अब मुकाबला पूरी तरह भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर टिका है।
बता दें कि, भारत इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहा है और उसने अब तक एक भी मैच नहीं गंवाया है। वहीं, टीम लगातार छठा और कुल 10वां अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल खेल रही है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। भारतीय टीम पहले ही पांच बार (2000, 2008, 2012, 2018 और 2022) खिताब जीत चुकी है और इस बार खिताबी जीत का सिक्सर लगाने के इरादे से मैदान में उतरी है। वहीं, दूसरी ओर इंग्लैंड ने सिर्फ एक बार, 1998 में, यह खिताब जीता था।
वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी
दरअसल, भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 20 रन के स्कोर पर आरोन जॉर्ज (9) आउट हो गए। इसके बाद कप्तान आयुष म्हात्रे ने वैभव सूर्यवंशी के साथ पारी संभाली। दोनों ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और रन गति तेज रखी। आयुष म्हात्रे ने 50 गेंदों में 53 रन बनाए, जबकि वैभव ने आक्रामक अंदाज जारी रखते हुए तेज शतक जड़ा। वहीं, वैभव सूर्यवंशी ने केवल 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और फिर रुकने का नाम नहीं लिया। बता दें कि, उन्होंने 71 गेंदों में 150 रन पूरे किए और आखिरकार 80 गेंदों पर 175 रन बनाकर आउट हुए। अपनी पारी में उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया।
मध्यक्रम का योगदान
वैभव के अलावा विहान मल्होत्रा (30), वेदांत त्रिवेदी (32) और अभिज्ञान कुंडू (40) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं हैं। जिसमें निचले स्कोर में कनिष्क चौहान ने 37 रन बनाकर टीम को 400 के पार पहुंचाया। साथ ही निर्धारित 50 ओवर में भारत ने 411/9 रन बनाए, जो फाइनल जैसे बड़े मैच में बेहद मजबूत स्कोर माना जा रहा है। वहीं, इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो और सेबेस्टियन मॉर्गन को विकेट मिले, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने ज्यादातर समय मैच पर पकड़ बनाए रखी।
इंग्लैंड की पारी की शुरुआत
412 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम पर शुरुआत से दबाव नजर आया, लेकिन बाद में भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की और पांचवें ओवर में इंग्लैंड को पहला झटका दे दिया। 9 ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर 51/1 है। अगर भारत को खिताब जीतना है तो गेंदबाजों को इसी तरह विकेट निकालते रहना होगा।

टूर्नामेंट में भारत का सफर
भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ जीत से की। वहीं, इसके बाद बांग्लादेश और न्यूजीलैंड को भी हराकर टीम ने ग्रुप चरण में दबदबा बनाए रखा। साथ ही, सुपर-6 में भारत ने जिम्बाब्वे को 204 रन से हराया और फिर पाकिस्तान को 58 रन से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर भारत ने फाइनल में प्रवेश किया।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड
अंडर-19 स्तर पर भारत का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच खेले गए 55 मुकाबलों में भारत ने 41 जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को 13 मैचों में जीत मिली है। एक मैच टाई रहा।
प्लेइंग-11
भारत की टीम में आयुष म्हात्रे (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, आरोन जॉर्ज, विहान मल्होत्रा, वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू, आरएस अम्बरीष, कनिष्क चौहान, खिलान पटेल, हेनिल पटेल और दीपेश देवेंद्रन शामिल हैं।
इंग्लैंड की टीम की कमान थॉमस रेव के हाथों में है, जिनके साथ जोसेफ मूर्स, बेन डॉकिन्स, बेन मेस, कालेब फाल्कनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मिंटो, मैनी लम्सडेन और एलेक्स ग्रीन खेल रहे हैं।
क्या भारत जीतेगा खिताब
411 रन का लक्ष्य फाइनल में बेहद कठिन माना जाता है। अगर भारतीय गेंदबाज अनुशासित लाइन-लेंथ बनाए रखते हैं तो टीम के पास छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने का सुनहरा मौका है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि इंग्लैंड की टीम दबाव में कैसी बल्लेबाजी करती है और क्या भारत इतिहास रच पाएगा।
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