सिगरेट पीने से सिर्फ फेफड़े ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी असर पड़ता है। तंबाकू के धुएं में मौजूद हानिकारक केमिकल डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं और दिमाग की सुरक्षा करने वाली झिल्ली को भी कमजोर कर सकते हैं। इससे ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है।
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भारत में 25 करोड़ से ज्यादा लोग स्मोकिंग करते हैं, जिनमें 20 करोड़ पुरुष और 5.3 करोड़ महिलाएं हैं। चीन के बाद भारत सिगरेट पीने में दुनिया में दूसरे नंबर पर है।
अब जानिए ब्रेन ट्यूमर से जुड़े कुछ ज़रूरी सवालों के जवाब:
ब्रेन ट्यूमर क्या है?

दिमाग में कोशिकाएं जब अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं, तो गांठ बन जाती है। इसे ब्रेन ट्यूमर कहते हैं। यह कैंसरस और नॉन-कैंसरस दोनों हो सकता है।
इसके लक्षण क्या होते हैं?
- लगातार सिरदर्द
- उल्टी आना
- नजर कमजोर होना
- बोलने में दिक्कत
- कमजोरी महसूस होना
कितने प्रकार के होते हैं?
- बेनाइन (धीरे बढ़ने वाला, नॉन-कैंसरस)
- मैलिग्नेंट (तेजी से फैलने वाला, कैंसरस)
किन कारणों से होता है?

- जेनेटिक बदलाव
- ज्यादा रेडिएशन का एक्सपोजर
- फैमिली हिस्ट्री
कैसे पता चलेगा?
- शारीरिक और न्यूरो टेस्ट
- MRI या CT स्कैन
- बायोप्सी
क्या इलाज संभव है?
- सर्जरी
- रेडिएशन थेरेपी
- कीमोथेरेपी
इलाज ट्यूमर के साइज और जगह पर निर्भर करता है।
बचाव कैसे करें ?

- स्मोकिंग और तंबाकू से दूर रहें
- हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज करें
- रेडिएशन एक्सपोजर से बचें
- फैमिली हिस्ट्री हो तो समय-समय पर चेकअप कराएं
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