India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते का ऐलान करते हुए कहा है कि, भारत पर लगने वाला टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया जाएगा। बता दें कि, इस डील के तहत भारत अमेरिका से सिर्फ तेल और विमान ही नहीं, बल्कि कई अहम सेक्टरों में बड़े पैमाने पर खरीदारी करेगा।
किन-किन चीजों की होगी खरीद
जानकारी के मुताबिक, भारत अमेरिका से पेट्रोलियम और एनर्जी प्रोडक्ट्स के अलावा डिफेंस इक्विपमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेलीकॉम प्रोडक्ट्स और विमान खरीदेगा। वहीं, इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार को और मजबूत करना और अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना है। साथ ही, इस ट्रेड डील पर जल्द ही ऑफिशियल स्टैंप लग सकती है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है।
500 अरब डॉलर तक की खरीदारी का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस खास समझौते पर कहा है कि, भारत काफी उच्च स्तर पर अमेरिकी उत्पाद खरीदने पर सहमत हो गया है। साथ ही, भारत आने वाले वर्षों में करीब 500 अरब डॉलर तक के अमेरिकी एनर्जी, कोयला, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर और अन्य उत्पाद खरीद सकता है। वहीं, इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल तेज हो गई और निवेशकों का रुझान सकारात्मक दिखा।
ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ी राहत
इस ट्रेड डील का एक अहम पहलू ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि, अमेरिका के द्वारा भारत ने ऑटोमोबाइल पर टैरिफ कम करने पर सहमति जताई है। बता दें कि,इसका सीधा मतलब यह है कि अमेरिका से आने वाली गाड़ियों पर अब कम टैक्स लगेगा, जिससे भारतीय बाजार में अमेरिकी कारें पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती हैं। इससे उपभोक्ताओं को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और ऑटो सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

कृषि बाजार भी खुल सकता है
जानकारी के लिए बता दें कि, भारत ने कुछ कृषि उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने पर सहमति जताई है। हालांकि ,अभी यह तह नहीं किया गया है कि किन-किन एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स को इसमें शामिल किया जाएगा। कृषि सेक्टर को लेकर भारत हमेशा अलर्ट रहा है, इसलिए इस मुद्दे पर आगे की बातचीत अहम मानी जा रही है।
पहली किश्त है ये समझौता
बता दें कि, इस ट्रेड डील को पहली किश्त माना जा रहा है। साथ ही, आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच और बातचीत होगी, जिससे इस समझौते का दायरा और बढ़ सकता है। दरअसल, ये कदम मौजूदा व्यापार असंतुलन को दूर करने की दिशा में उठाए गए हैं।
बाजार पर दिखा असर
ट्रेड डील की खबर का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ नजर आया है। वहीं, शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 सूचकांक करीब 3% तक चढ़ गया। वहीं रुपया भी मजबूत हुआ और डॉलर के मुकाबले 1% से ज्यादा की तेजी के साथ 90.40 के स्तर पर पहुंच गया। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
भारत-अमेरिका व्यापार की मौजूदा स्थिति
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से नवंबर के बीच भारत का अमेरिका को निर्यात सालाना आधार पर 15.88% बढ़कर 85.5 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, इसी अवधि में अमेरिका से भारत का आयात 46.08 अरब डॉलर रहा। यही अंतर अमेरिका के व्यापार घाटे की बड़ी वजह है, जिसे कम करने के लिए यह ट्रेड डील अहम मानी जा रही है।
आधिकारिक ऐलान का इंतजार
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से बड़े दावे किए गए हैं, लेकिन भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने अब तक इस समझौते या कृषि बाजार खोलने को लेकर ऑफिशियल जानकारी साझा नहीं की है। साथ ही, एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक भारत सरकार की तरफ से ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं होती, तब तक इन दावों को अंतिम नहीं माना जा सकता।
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