India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद शेयर बाजार में आज सोमवार को शानदार तेजी देखने को मिली है। बता दें कि, इस डील से जुड़ी तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। खासकर उन कंपनियों के शेयरों में तेजी रही, जिनका कारोबार अमेरिका में है।
जानकारी के लिए बता दें कि 2 फरवरी को इस ट्रेड डील का ऐलान हुआ था, जिसके बाद 3 फरवरी को भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई थी। लेकिन उसके बाद डील को लेकर कई तरह की बातें सामने आईं हैं। जिसके बाद यह सवाल उठ रहे थे कि डील में कौन-से सेक्टर शामिल हैं और कौन-से बाहर हैं। विशेषकर कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर निवेशकों में चिंता थी। बता दें कि,इस पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह से इस डील से बाहर हैं। अमेरिकी दबाव की कोई बात निराधार है और यह डील भारत के लिए लंबी अवधि में बड़े फायदे की होगी। साथ ही, मंत्री ने एक-एक सेक्टर को इस डील से होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी।
शेयर बाजार में उत्साह
आज सोमवार को वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। दरअसल, आज बाजार में असली जश्न देखने को मिला है। जिसमें डील से सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाले सेक्टर के कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ हटाने वाला आदेश पहले ही साइन कर दिया है। इसके बाद भारतीय कंपनियों के शेयरों में उछाल आया।
सेंसेक्स ने 485 अंक की बढ़त के साथ 84,065 के स्तर पर कारोबार बंद किया। वहीं, निफ्टी 50 करीब 173 अंक चढ़कर 25,867 के ऊपर बंद हुआ।
FII की वापसी और निवेशकों का भरोसा
इस डील से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। जिसमें विदेशी निवेशक (FII/FPIs) फरवरी के पहले हफ्ते शुद्ध खरीदार रहे और लगभग 8,100 करोड़ रुपये का निवेश किया। बता दें कि, इससे पहले लगातार तीन महीने तक FII बिकवाली कर रहे थे।

SBI के दमदार नतीजे
आज सोमवार को शेयर बाजार में तेजी का एक और कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के मजबूत नतीजे रहे। SBI के शेयर में करीब 7.5% तक उछाल आया। इसके साथ ही SBI ने ICICI बैंक को पीछे छोड़ते हुए देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया।
सेक्टर्स में तेजी
सोमवार को मेटल, बैंकिंग, रियल्टी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिली है। रिटेल निवेशकों ने भी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी की। टेक्सटाइल, ऑटो और कृषि आधारित कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी।
अमेरिकी बाजार का असर
दरअसल, शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। यह भी भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव सिग्नल साबित हुआ।
GDP अनुमान में सुधार
बाजार को एक और पॉजिटिव संकेत GDP के मोर्चे से मिला है। बता दें कि, Goldman Sachs ने भारत की 2026 की रियल GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा दिया है। ब्रोकरेज ने ग्रोथ प्रोजेक्शन 20 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 6.9% सालाना कर दिया। इसका कारण अमेरिका की ओर से टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करना बताया गया।
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