Indian Army Vision 2047: भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ देश की सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी दिशा में रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने आज ‘रक्षा बलों के लिए विजन 2047 भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ नामक महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी किया है।
जानकारी के लिए बता दें कि यह दस्तावेज भारतीय सशस्त्र बलों को तकनीकी रूप से उन्नत, आधुनिक, आत्मनिर्भर और पूरी तरह एकीकृत बनाने की रणनीति बताता है। बता दें कि यह योजना प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत 2047 के विजन से भी जुड़ी हुई है। दक्षिण ब्लॉक में आयोजित एक खास कार्यक्रम में इस रोडमैप को जारी किया गया है। दरअसल, इस कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ Anil Chauhan, नौसेना प्रमुख Dinesh K Tripathi, वायुसेना प्रमुख AP Singh और रक्षा सचिव Rajesh Kumar Singh समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भारतीय सेना का लक्ष्य तकनीक और ताकत दोनों में आगे
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि आने वाले दो दशकों में युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है। जिसमें भविष्य की लड़ाइयों में सिर्फ हथियार ही नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, ड्रोन और स्पेस टेक्नोलॉजी की भी अहम भूमिका होगी। बता दें कि इस को ध्यान में रखते हुए भारतीय सशस्त्र बलों को तकनीक के मामले में दुनिया की अग्रणी सेनाओं के बराबर लाने की योजना बनाई गई है।
स्मार्ट, ग्रीन और डिजिटल रक्षा संपदा
विजन 2047 के तहत रक्षा संपदा विभाग ने लगभग 18 लाख एकड़ रक्षा भूमि के बेहतर प्रबंधन के लिए नई रणनीति तैयार की है।जिसमें ‘मंथन 2026’ नामक योजना के जरिए इस जमीन के उपयोग को डिजिटल और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके साथ ही रक्षा परिसरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। जिसमें ऊर्जा बचत, हरित तकनीक और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देकर रक्षा संपदा को आधुनिक रूप दिया जाएगा।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बड़ा फोकस
जानकारी के लिए बता दें कि विजन 2047 का सबसे अहम लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। जिसमें अभी भारत कई आधुनिक हथियारों और उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर रहता है।वहीं अब सरकार की योजना है कि 2047 तक रक्षा बजट का 15% से ज्यादा हिस्सा स्वदेशी रक्षा निर्माण और अनुसंधान में लगाया जाएगा।इससे भारत में ही आधुनिक हथियार, लड़ाकू विमान, मिसाइल, ड्रोन और रक्षा तकनीक विकसित की जा सकेगी। इससे न सिर्फ आयात कम होगा बल्कि भारत वैश्विक रक्षा निर्यात बाजार में भी मजबूत खिलाड़ी बन सकता है।
समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत
भारत की लंबी समुद्री सीमा को देखते हुए विजन 2047 में समुद्री सुरक्षा को भी काफी अहमियत दी गई है। जिसमें तटरक्षक बल और नौसेना को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली, ड्रोन, स्मार्ट सेंसर और साइबर सुरक्षा नेटवर्क शामिल होंगे। साथ ही,इन तकनीकों के जरिए समुद्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ना और उस पर कार्रवाई करना आसान होगा।
सीमा और आंतरिक सुरक्षा में संतुलन
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि किसी भी देश की मजबूती सिर्फ उसकी सेना से नहीं बल्कि उसके राज्यों के विकास से भी तय होती है। बता दें कि विजन 2047 में इस बात पर जोर दिया गया है कि बाहरी सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ देश के अंदर शांति और स्थिरता बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। वहीं,इस संदर्भ में उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और तेजी से विकसित हो रहे राज्यों को भी महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि मजबूत राज्य ही मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं।

ड्रोन और रोबोटिक युद्ध का बढ़ेगा इस्तेमाल
भविष्य के युद्धों में मानवरहित तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसलिए भारतीय सेना को भी ड्रोन, रोबोटिक सिस्टम और स्वचालित हथियारों से लैस किया जाएगा। जिससे इन प्रणालियों की मदद से खतरनाक इलाकों में सैनिकों की जगह मशीनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे जवानों की सुरक्षा बढ़ेगी और ऑपरेशन ज्यादा प्रभावी होंगे।
मानवयुक्त सिस्टम भी रहेंगे महत्वपूर्ण
बता दें कि मानवरहित तकनीक तेजी से बढ़ रही है, लेकिन विजन 2047 में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मानवयुक्त हथियार प्रणाली की भूमिका खत्म नहीं होगी। जिसमें लड़ाकू विमान, युद्धपोत और टैंक जैसे पारंपरिक सैन्य प्लेटफॉर्म भी भविष्य में अहम बने रहेंगे। इसलिए इन प्रणालियों को भी नई तकनीक और आधुनिक हथियारों से लगातार अपग्रेड किया जाएगा।
अनुसंधान और विकास को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास को भी इस रोडमैप में खास महत्व दिया गया है। जिसमें सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले सालों में रक्षा अनुसंधान और विकास (R&D) में निवेश को काफी बढ़ाया जाए। इससे नई तकनीकों का विकास तेज होगा और भारत रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।
दुनिया की ताकतवर सेनाओं में शामिल होने की तैयारी
विजन 2047 के तहत भारतीय सेना को आधुनिक हथियारों, नई तकनीकों और बेहतर समन्वय के साथ तैयार किया जाएगा। बता दें कि इस योजना का उद्देश्य सिर्फ सेना को मजबूत बनाना नहीं बल्कि उसे भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करना है। अब अगर यह रोडमैप तय समय के अनुसार लागू होता है तो आने वाले सालों में भारत की सेना दुनिया की सबसे आधुनिक और शक्तिशाली सेनाओं में शामिल हो सकती है।
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