IndiGo Airlines: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने परिचालन में आई भारी बाधाओं के बाद देश के विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों पर 700 से ज्यादा फ्लाइट्स स्लॉट खाली कर दिए हैं। वहीं, यह कदम नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो की शीतकालीन उड़ानों में से 10 प्रतिशत कटौती के आदेश के बाद उठाया गया है। बताया जा रहा है कि, यह फैसला यात्रियों को अंतिम समय में फ्लाइट कैंसिल होने और लंबी देरी से होने वाली परेशानियों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया था।
यहां जानें क्या होता है स्लॉट
दरअसल, हवाई अड्डे पर किसी विमान के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए तय किए गए निश्चित समय को ‘स्लॉट’ कहा जाता है। किसी भी एयरलाइन के लिए इन स्लॉट्स का बड़ा महत्व होता है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर उड़ानों का संचालन किया जाता है।
कहां-कहां के स्लॉट खाली हुए
जानकारी के लिए बता दें कि, कुल 717 स्लॉट में से 364 स्लॉट देश के छह प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद—के हैं। इनमें सबसे ज्यादा स्लॉट हैदराबाद और बेंगलुरु हवाई अड्डों के हैं। ये सभी स्लॉट जनवरी से मार्च की अवधि के लिए खाली किए गए हैं।

DGCA ने क्यों की थी कटौती
दरअसल, दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो के परिचालन में बड़े पैमाने पर व्यवधान देखने को मिला था। जिसमें 3 से 5 दिसंबर के बीच एयरलाइन ने 2,507 फ्लाइट कैंसिल की थीं, जबकि 1,852 उड़ानें देरी से संचालित हुई थीं। इस वजह से देशभर में तीन लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए थे। वहीं, हालात को देखते हुए DGCA ने इंडिगो के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 % की कटौती का आदेश दिया। वहीं, कटौती से पहले इंडिगो को 2025-26 के शीतकालीन कार्यक्रम के तहत रोजाना 2,144 उड़ानों के संचालन की अनुमति थी, जो घटकर अब 1,930 रह गई है। इसका सीधा असर यह हुआ कि कई मार्गों पर उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा और स्लॉट खाली करने पड़े।
अन्य एयरलाइनों को मौका
बता दें कि, इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो द्वारा खाली किए गए स्लॉट्स पर उड़ानें संचालित करने के लिए अन्य घरेलू एयरलाइनों से आवेदन मांगे हैं। जिसमें मंत्रालय ने कहना है कि, इच्छुक एयरलाइनों को इन स्लॉट्स का उपयोग करने के लिए अपने मौजूदा मार्गों को बंद नहीं करना होगा।
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