Government Action On Airlines: इंडिगो एयरलाइंस पिछले कुछ दिनों से संकटों से जूझ रही है। जिस वजह से हजारों फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। जिसमें लाखों यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, इस मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है।
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मंत्रायल ने इंडिगो को दिया आदेश
बता दें कि आज मंगलवार के दिन इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को मंत्रालय में बुलाया गया। जिसमें मंत्री राम मोहन नायडू और सचिव समीर सिन्हा ने CEO से लगभग एक घंटे तक बात की। बताया जा रहा है कि, बैठक में उड़ानों की स्थिति साथ ही यात्रियों की देखभाल, रिफंड और फंसे हुए सामान पर बात की। जिस पर मंत्रायल ने इंडिगो को आदेश दिया है कि वह अपनी फ्लाइट्स को तुरंत 10 % पर कटौती करे, ताकि आगे रद्दीकरण कम हों और यात्रियों को परेशानी न हो।

इंडिगो फ्लाइट्स हुई ठीक
दरअसल, बैठक से पहले इंडिगो का कहना है कि अब सभी फ्लाइट्स ठीक हो गई हैं। साथ ही, कंपनी का यह भी कहना है कि बुधवार को करीब 1900 फ्लाइट्स चलेंगी और 1800 से ज्यादा फ्लाइट्स रोजाना चल रही हैं। जिसमें फंसा हुआ सामान भी ज्यादातर यात्रियों को मिल गया है, बाकी जल्द मिल जाएगा। कैंसिल फ्लाइट का पूरा रिफंड अब वेबसाइट पर अपने आप हो रहा है।
संदेश में मांगी माफी
CEO पीटर एल्बर्स ने वीडियो के जरिए संदेश में माफी मांगी और कहा कि 5 दिसंबर से कुछ फ्लाइट्स शुरू हुईं थीं, जब सिर्फ 700 फ्लाइट्स ही चल पाई थीं, लेकिन अब सब ठीक है।
यात्रियों को नहीं कर सकते परेशान
लोकसभा में मंत्री राम मोहन नायडू का कहना है कि, इंडिगो को नए पायलट ड्यूटी नियमों (FDTL) में कोई छूट नहीं मिलेगी। जिसमें कोई भी कंपनी, चाहे कितनी भी बड़ी हो, यात्रियों को इतना परेशान नहीं कर सकती है। साथ ही, यह भी बताया कि इंडिगो का घरेलू बाजार में 65% हिस्सा है, इसलिए नई एयरलाइंस को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि एक कंपनी का एकाधिकार न रहे।
इंडिगो ने दिया जवाब
इंडिगो ने भी जवाब में कहा है कि, फ्लाइट्स में तकनीकी खराबी, सर्दियों का नया शेड्यूल, खराब मौसम और नए FDTL नियम इसके जिम्मेदार हैं।
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