Iran Helicopter Crash: युद्ध जैसे तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है।बताया जा रहा है कि ईरान की सेना का एक हेलीकॉप्टर मध्य ईरान के इस्फहान प्रांत में क्रैश हो गया है। बता दें कि यह हादसा फल-सब्जी के थोक बाजार में हुआ, जहां अचानक हेलीकॉप्टर गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में पायलट, को-पायलट और बाजार के दो व्यापारी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। जिस प्रांत में यह हादसा हुआ है, वही इलाका ईरान के अहम परमाणु ठिकानों के लिए भी जाना जाता है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के लिए बता दें कि, यह हेलीकॉप्टर ईरानी सेना की एविएशन यूनिट से जुड़ा था। जिसमें हेलीकॉप्टर इस्फहान प्रांत के खोमेनी शहर काउंटी के दारचेह इलाके में स्थित एक फल-सब्जी थोक बाजार के ऊपर से गुजर रहा था, तभी अचानक तकनीकी खराबी आ गई और वह बाजार के बीचों-बीच गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर के गिरते ही बाजार में जोरदार धमाका हुआ। जिसके बाद आसपास खड़े वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के बाद इलाके में धुआं फैल गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
चार लोगों की मौत, कई घायल
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार पायलट और को-पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा बाजार में मौजूद दो व्यापारियों की भी जान चली गई। कुछ अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और मलबा हटाने का काम शुरू किया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया ताकि किसी तरह की और दुर्घटना न हो।
न्यूक्लियर प्लांट वाले प्रांत में हादसा
दरअसल, यह दुर्घटना जिस इस्फहान प्रांत में हुई है, वह ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों में से एक के लिए जाना जाता है। Isfahan ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम केंद्र रहा है। यहां यूरेनियम कन्वर्जन फैसिलिटी और अन्य परमाणु प्रतिष्ठान मौजूद हैं। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि इस हादसे का किसी परमाणु प्लांट से कोई संबंध नहीं है। हेलीकॉप्टर बाजार क्षेत्र में गिरा और परमाणु ठिकाने पूरी तरह सुरक्षित हैं।
तकनीकी खराबी बनी वजह
जानकारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तकनीकी गड़बड़ी बताई जा रही है। हेलीकॉप्टर में अचानक आई खराबी के कारण पायलट नियंत्रण खो बैठा और दुर्घटना हो गई। हालांकि अभी तक विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। सेना ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों की एक टीम ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि असली कारण का पता लगाया जा सके।
ईरान का खराब एयर सेफ्टी रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान का एयर सेफ्टी रिकॉर्ड पहले भी सवालों के घेरे में रहा है। ईरान में बीते कुछ वर्षों में कई हवाई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिसके बाद एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ईरान को आधुनिक विमान और उनके स्पेयर पार्ट्स हासिल करने में कठिनाई होती है। कई विमान और हेलीकॉप्टर पुराने हैं और उनकी मेंटेनेंस में दिक्कत आती है। ओरिजिनल पार्ट्स की कमी भी एक बड़ी समस्या है। हालांकि ईरान की एजेंसियां अक्सर इन हादसों को तकनीकी गड़बड़ी बताती रही हैं, लेकिन वास्तविक कारण कई बार स्पष्ट नहीं हो पाते।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हादसा
बता दें कि, यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। हाल ही में अमेरिका की ओर से ईरान को लेकर सख्त बयान दिए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर ईरान को चेतावनी दी है। इसमें एक्सपर्ट्स का कहना है कि युद्ध जैसे माहौल में किसी भी सैन्य दुर्घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाती हैं। हालांकि अभी तक किसी बाहरी हमले या साजिश की कोई पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी अधिकारियों ने भी इसे महज एक तकनीकी हादसा बताया है।
स्थानीय लोगों में दहशत
हेलीकॉप्टर के बाजार में गिरने से स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई। जिसमें चश्मदीदों के अनुसार, पहले जोरदार आवाज आई और फिर आग का गोला दिखाई दिया। कुछ दुकानों में आग लग गई, जिसे बाद में बुझाया गया। घटना के बाद प्रशासन ने बाजार को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके की निगरानी कर रही हैं और मलबा हटाने का काम जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
दरअसल, ईरानी सेना और स्थानीय प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सरकार ने हादसे की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की बात कही है। वहीं, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ
रक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि सैन्य हेलीकॉप्टर अक्सर कठिन परिस्थितियों में उड़ान भरते हैं, जिससे तकनीकी जोखिम बढ़ जाता है। पुराने उपकरणों और स्पेयर पार्ट्स की कमी भी हादसों की बड़ी वजह हो सकती है। वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में हर सैन्य घटना को गंभीरता से देखा जाएगा। इसलिए पारदर्शी जांच जरूरी है ताकि किसी तरह की अफवाह न फैले।



