Jack Dorsey: गुरुवार की शाम टेक और फिनटेक दुनिया में अचानक हलचल मच गई. ट्विटर के सह-संस्थापक Jack Dorsey की कंपनी Block, Inc. ने करीब 4,000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान कर दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कंपनी ने इस फैसले के पीछे किसी आर्थिक संकट को नहीं, बल्कि Artificial Intelligence (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को वजह बताया. जहां कर्मचारियों के लिए यह फैसला अचानक और भावनात्मक झटका था, वहीं निवेशकों ने इसे “रणनीतिक बदलाव” करार दिया और कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिली.
क्या है पूरा मामला?
Block, जो डिजिटल पेमेंट्स, कैश ऐप और अन्य फिनटेक सेवाओं के लिए जानी जाती है, पिछले कुछ वर्षों में लगातार विस्तार कर रही थी. कंपनी का प्रदर्शन भी संतोषजनक बताया जा रहा था. लेकिन इसके बावजूद अचानक इतनी बड़ी छंटनी ने कई सवाल खड़े कर दिए. रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने लगभग अपनी आधी वर्कफोर्स घटाने का फैसला लिया है. कंपनी का तर्क है कि AI और ऑटोमेशन के जरिए कई प्रक्रियाएं अब तेजी और कम लागत में पूरी की जा सकती हैं.
AI बना वजह?
कंपनी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, Block ने पिछले एक साल में AI टूल्स और ऑटोमेशन सिस्टम में भारी निवेश किया है. जैसे :
- ग्राहक सेवा में चैटबॉट
- डेटा एनालिटिक्स में मशीन लर्निंग
- फ्रॉड डिटेक्शन में AI एल्गोरिद्म
- कोडिंग में ऑटोमेटेड टूल्स
इन बदलावों से कई पारंपरिक भूमिकाओं की जरूरत कम हो गई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है. आने वाले समय में टेक कंपनियां AI के जरिए लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर और जोर देंगी.
कर्मचारियों के लिए झटका
कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी और दुख जाहिर किया. कुछ ने लिखा कि कंपनी ने अचानक ईमेल के जरिए छंटनी की सूचना दी.
एक पूर्व कर्मचारी ने कहा, “हमने कंपनी की ग्रोथ में योगदान दिया, लेकिन AI के नाम पर हमें हटा दिया गया.” हालांकि कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज और कुछ महीनों का वेतन देने की घोषणा की है.
निवेशकों की प्रतिक्रिया
छंटनी की खबर के बाद Block के शेयरों में उछाल देखा गया. निवेशकों का मानना है कि AI के जरिए लागत घटाकर कंपनी भविष्य में ज्यादा मुनाफा कमा सकती है. वहीं, एक मार्केट एनालिस्ट ने कहा, “यह कदम कंपनी को लंबे समय में प्रतिस्पर्धी बनाएगा.”
क्या AI सच में नौकरियां ले रहा है?
यह सवाल अब वैश्विक बहस का विषय बन चुका है, की AI के फायदे और नुकसान क्या है. AI के कई फायदे है, उनमे से कुछ जैसे तेज काम, कम लागत, कम मानवीय गलती और 24/7 उपलब्धता से कंपनी को काफी सुविधा हो रही है. लेकिन AI के कई नुकसान भी देखे जा रहे हैं जैसे पारंपरिक नौकरियों में कमी, स्किल गैप बढ़ना और सामाजिक असमानता. विशेषज्ञों का मानना है कि AI पूरी तरह नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि काम की प्रकृति बदलेगा. जो लोग नई तकनीक सीखेंगे, उनके लिए नए अवसर भी पैदा होंगे.
टेक इंडस्ट्री में छंटनी का ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में कई बड़ी टेक कंपनियों ने छंटनी की है. महामारी के दौरान हुई तेज हायरिंग के बाद अब कंपनियां लागत संतुलन की कोशिश कर रही हैं.
Block का फैसला इसी व्यापक ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन AI को खुलकर वजह बताना इसे अलग बनाता है.
Jack Dorsey पहले भी अपने साहसी फैसलों के लिए जाने जाते रहे हैं.ट्विटर से अलग होने के बाद उन्होंने Block पर पूरा ध्यान केंद्रित किया. उनकी सोच है कि टेक्नोलॉजी के जरिए फाइनेंशियल सिस्टम को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाया जाए और AI को अपनाना इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है.
AI-First कंपनियों का नया दौर
टेक इंडस्ट्री में अब “AI-First Company” बनने की होड़ लगी हुई है. इसका मतलब है कि कंपनियां हर विभाग कस्टमर सर्विस, मार्केटिंग, डेटा प्रोसेसिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और यहां तक कि HR में AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं.
Block का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने की रणनीति अपना सकती हैं. इससे लागत तो घटेगी, लेकिन रोजगार बाजार पर दबाव बढ़ सकता है.
क्या यह महामारी के बाद का असर है?
कोविड-19 महामारी के दौरान टेक कंपनियों ने तेजी से हायरिंग की थी. डिजिटल पेमेंट्स, ऑनलाइन शॉपिंग और रिमोट वर्क के बढ़ने से कंपनियों का विस्तार हुआ। लेकिन जैसे-जैसे बाजार सामान्य हुआ, कंपनियों को लागत संतुलित करने की जरूरत महसूस हुई.
विश्लेषकों का मानना है कि Block की छंटनी केवल AI की वजह से नहीं, बल्कि महामारी के दौरान हुई ओवर-हायरिंग का भी परिणाम हो सकती है. हालांकि कंपनी ने AI को मुख्य कारण बताकर इस कदम को भविष्य की रणनीति से जोड़ दिया है.
कर्मचारियों के लिए क्या संदेश?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय स्किल अपग्रेड करने का है. AI और डेटा साइंस सीखना, ऑटोमेशन टूल्स की समझ और डिजिटल स्किल्स में सुधार करना. जो लोग तकनीक के साथ कदम मिलाएंगे, उनके लिए भविष्य में बेहतर अवसर हो सकते हैं.
हालाँकि,AI के बढ़ते प्रभाव के साथ सरकारों के सामने भी चुनौती है.जैसे, रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं. अगर समय रहते तैयारी नहीं की गई, तो बेरोजगारी की समस्या बढ़ सकती है.
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