Jewar Airport Inauguration: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) का उद्घाटन कर दिया. यह एयरपोर्ट लंबे समय से चर्चा में था और अब इसका पहला चरण पूरी तरह तैयार हो चुका है. हालांकि उद्घाटन के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या आज से ही उड़ानें शुरू होंगी?
क्या उद्घाटन के साथ ही शुरू होंगी फ्लाइट्स?
सरकारी जानकारी के मुताबिक, फिलहाल शुरुआती चरण में सीमित उड़ानें शुरू होंगी. शुरुआत में दिन के समय (Day Operations) ही फ्लाइट्स संचालित की जाएंगी और धीरे-धीरे डोमेस्टिक और इंटरनेशनल उड़ानें शुरू की जाएंगी. यानी पूरी क्षमता से फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होने में अभी थोड़ा समय लगेगा.
एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की तैयारी
जब यह एयरपोर्ट पूरी तरह विकसित हो जाएगा, तब यह भारत का ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा.सालाना 7 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी और यह कई चरणों में विकसित किया जाएगा.
कितनी लागत से बना है एयरपोर्ट?
जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बना है. यह एयरपोर्ट खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर के लिए बेहद अहम है. क्यूंकि जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन से Indira Gandhi International Airport पर दबाव कम होगा,यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और यात्रा समय और भीड़ दोनों कम होंगे.
क्यों खास है जेवर एयरपोर्ट?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक नया एयरपोर्ट नहीं है, बल्कि यह भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर का प्रतीक है. जिस तरह से देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, उसे देखते हुए नए एयरपोर्ट्स की जरूरत महसूस की जा रही थी. जेवर एयरपोर्ट इसी जरूरत को पूरा करेगा और आने वाले समय में यह देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है.
दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?
दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए यह एयरपोर्ट किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा. अभी तक ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें Indira Gandhi International Airport से संचालित होती हैं, जिससे वहां काफी भीड़ रहती है.
जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को कम भीड़ का सामना करना पड़ेगा, फ्लाइट्स के ज्यादा विकल्प मिलेंगे और नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी यूपी के लोगों के लिए दूरी कम होगी.
मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से आसान सफर
इस एयरपोर्ट को सड़क, रेल और मेट्रो से जोड़ने की योजना बनाई गई है. एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्शन, भविष्य में मेट्रो लिंक और रेलवे कनेक्टिविटी. इससे यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और यात्रा और भी सुविधाजनक बनेगी.
कार्गो और व्यापार के लिए बड़ा हब
Jewar Airport को एक बड़े कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है. एक्सपोर्ट-इंपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा, लॉजिस्टिक्स सेक्टर मजबूत होगा और व्यापारियों को तेज और सस्ता विकल्प मिलेगा. इससे भारत के व्यापार और उद्योग क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है. इस एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. जैसे, निर्माण कार्य में रोजगार, एयरपोर्ट ऑपरेशन में नौकरियां और होटल, ट्रैवल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में अवसर.स्थानीय लोगों के लिए यह एक बड़ा आर्थिक अवसर साबित हो सकता है.
फ्लाइट्स शुरू होने में देरी क्यों होती है?
अक्सर लोग यह सोचते हैं कि उद्घाटन के साथ ही फ्लाइट्स शुरू हो जाएंगी, लेकिन इसके पीछे कई प्रक्रियाएं होती हैं, जैसे DGCA से अंतिम मंजूरी, एयरलाइंस की स्लॉट बुकिंग और सुरक्षा और ट्रायल रन. इन सभी चरणों के पूरा होने के बाद ही नियमित उड़ानें शुरू की जाती हैं.
एविएशन सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट्स में से एक बन चुका है. जहां,हवाई यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. नए एयरपोर्ट्स का निर्माण हो रहा है, और UDAN जैसी योजनाएं छोटे शहरों को जोड़ रही हैं. Jewar Airport इस विकास यात्रा का एक बड़ा हिस्सा है.
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से उत्तर प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को भी काफी फायदा होगा.
- मथुरा, वृंदावन, आगरा जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थानों तक आसान पहुंच
- विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी
- होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को बढ़ावा
इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.
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