Kerala Name Change: प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की हो रही है। इसके साथ ही श्रीनगर में नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल, अहमदाबाद मेट्रो विस्तार और कई रेल परियोजनाओं सहित कुल 12,236 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है।
जानकारी के लिए बता दें कि यह अहम फैसला ऐसे समय आया है जब केरल में अप्रैल-मई 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बता दें कि ऐसे में इस निर्णय को राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।
केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने केरल विधानसभा द्वारा पारित उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें राज्य का नाम ऑफिशियल रूप से ‘केरलम’ करने की मांग की गई थी। साथ ही ‘केरलम’ राज्य का पारंपरिक और स्थानीय नाम है, जिसे मलयालम भाषा में लंबे समय से उपयोग किया जाता रहा है। बता दें कि अब इस प्रस्ताव को आगे की संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। अंतिम रूप से नाम परिवर्तन तभी लागू होगा जब संसद में विधेयक पारित होगा और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलेगी।
क्या है नाम बदलने की प्रक्रिया
जानकारी के लिए बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत किसी भी राज्य का नाम बदलने का अधिकार संसद को है।
- राज्य विधानसभा प्रस्ताव पारित करती है।
- केंद्र सरकार उस प्रस्ताव पर विचार करती है।
- राष्ट्रपति की सिफारिश के बाद संसद में विधेयक पेश होता है।
- लोकसभा और राज्यसभा में साधारण बहुमत से पारित होने के बाद संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन किया जाता है।
- राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नया नाम लागू हो जाता है। दरअसल, ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके लिए अनुच्छेद 368 के तहत विशेष संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होती। यह एक सामान्य विधायी प्रक्रिया है, लेकिन राजनीतिक सहमति जरूरी होती है।
श्रीनगर में बनेगा नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल
कैबिनेट ने Srinagar में नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण के लिए 1,667 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ते यात्री दबाव को संभालना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। जिसके बाद सरकार का कहना है कि नया टर्मिनल बनने से कश्मीर घाटी में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा।
अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार
Ahmedabad में मेट्रो परियोजना के फेज-2B के विस्तार के लिए 1,067 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस विस्तार से शहर के बाहरी इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। जिसमें सरकार का दावा है कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से पर्यावरण को भी लाभ होगा, क्योंकि इससे निजी वाहनों की संख्या में कमी आएगी और प्रदूषण घटेगा।
रेल नेटवर्क को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
कैबिनेट बैठक में रेलवे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनका उद्देश्य माल ढुलाई को आसान बनाना और यात्री सेवाओं में सुधार करना है।
- गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन का दोहरीकरण – 5,236 करोड़ रुपये
- पुनारख–किऊल तीसरी और चौथी लाइन – 2,668 करोड़ रुपये
- गम्हरिया–चांदिल तीसरी और चौथी लाइन – 1,168 करोड़ रुपये। दरअसल, इन परियोजनाओं से पूर्वी और मध्य भारत में रेल यातायात की क्षमता बढ़ेगी। साथ ही मालगाड़ियों की आवाजाही तेज होगी, जिससे उद्योगों को फायदा मिलेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि क्षेत्र को भी राहत
कैबिनेट ने बिजली क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए भी अहम नीतिगत फैसले लिए हैं। इसके अलावा जूट किसानों को राहत देते हुए 430 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया गया है। इसका बाद सरकार का कहना है कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और जूट उद्योग को मजबूती मिलेगी।
12,236 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
बताया जा रहा है कि कुल मिलाकर 12,236 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। जिससे इन परियोजनाओं का फोकस मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों पर है।
- परिवहन और कनेक्टिविटी
- शहरी विकास और मेट्रो विस्तार
- कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार।सरकार का दावा है कि इन फैसलों से देश के कई राज्यों में विकास को नई गति मिलेगी।
राजनीतिक मायने भी अहम
केरल का नाम बदलने का फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इसे राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि यह फैसला राज्य विधानसभा के प्रस्ताव के आधार पर लिया गया है और इसका उद्देश्य स्थानीय पहचान को सम्मान देना है।
क्या कहती है सरकार
जानकारी के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी। खासकर रेलवे और एयरपोर्ट परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स और पर्यटन सेक्टर को मजबूती देंगी।
आगे क्या होगा
अब केरल का नाम बदलने से जुड़ा विधेयक संसद में लाया जाएगा। दोनों सदनों में साधारण बहुमत से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी ली जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक दस्तावेजों और संविधान की पहली अनुसूची में ‘केरल’ की जगह ‘केरलम’ नाम दर्ज किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: International Women’s Day 2026: क्यों मनाते हैं महिला दिवस? जानें इस बार की थीम, इस दिन का महत्व



