Assam Election 2026: असम की राजनीति में इस समय एक नया मोड़ आया है और युवा चेहरा चर्चा के केंद्र में है। जिसमें 27 वर्षीय कुंकी चौधरी ने विधानसभा चुनाव में उतरकर सीधे मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma को चुनौती दे दी है। इस मुकाबले ने राज्य की राजनीति को गर्मा दिया है। अब एक ओर अनुभवी नेता हैं, तो दूसरी ओर नई सोच और युवा ऊर्जा के साथ मैदान में उतरीं कुंकी चौधरी हैं। जिसमें दोनों के बीच जुबानी जंग अब तेज होती जा रही है, जिससे चुनावी माहौल और भी दिलचस्प हो गया है।
कौन हैं कुंकी चौधरी?
कुंकी चौधरी असम की सबसे युवा उम्मीदवारों में से एक हैं, जो गुवाहाटी मध्य सीट से चुनाव लड़ रही हैं। वे Assam Jatiya Parishad की प्रत्याशी हैं। कुंकी ने लंदन के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका रही है और वे गुवाहाटी में कई सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं।
अब ऐसे में राजनीति में उनकी एंट्री को एक नए बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। जिसमें उनका कहना है कि वे सिस्टम में पारदर्शिता और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना चाहती हैं।
सीएम सरमा से सीधी टक्कर
इस चुनाव में कुंकी चौधरी का मुकाबला सीधे तौर पर भाजपा के मजबूत नेतृत्व से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने कुंकी चौधरी और उनके परिवार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
सीएम का कहना है कि कुंकी की मां ने सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट साझा किए हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और भी गरमा गया है।
डीपफेक वीडियो का विवाद
इन आरोपों के जवाब में कुंकी चौधरी ने बड़ा पलटवार किया है। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनकी मां के खिलाफ जो वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं, वे पूरी तरह से फर्जी हैं। वहीं, कुंकी का आरोप है कि इन वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी डीपफेक तकनीक से तैयार किया गया है। उनका कहना है कि यह सब उन्हें बदनाम करने और चुनाव में नुकसान पहुंचाने की साजिश है। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वायरल कंटेंट असली है या नकली।

युवाओं की उम्मीद बनीं कुंकी
कुंकी चौधरी को खास तौर पर युवाओं का समर्थन मिल रहा है। उनका साफ कहना है कि वे राजनीति में नई हैं, लेकिन बदलाव की सोच लेकर आई हैं। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल उनके खिलाफ गलत तरीके अपना रहा है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाली नहीं हैं। उनकी उम्मीदवारी ने असम की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। क्या युवा चेहरे पुराने नेताओं को चुनौती दे सकते हैं।
सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस
दरअसल इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक तरफ जहां कुछ लोग कुंकी चौधरी का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सीएम के आरोपों को सही ठहरा रहे हैं। डीपफेक तकनीक का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के समय इस तरह की तकनीकों का इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है।
कुंकी का सीएम को जवाब
आरोपों के बीच कुंकी चौधरी ने एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma पर व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि सीएम ने उन्हें घर-घर में पहचान दिला दी है, इसके लिए वे उनका धन्यवाद करती हैं। जिसमें उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी मां पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और वे इस मामले को कानूनी तरीके से लड़ेंगी।
चुनावी असर क्या होगा?
बता दें कि इस पूरे विवाद का असर चुनाव पर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है। जहां भाजपा इसे सांस्कृतिक मुद्दा बना रही है, वहीं कुंकी चौधरी इसे व्यक्तिगत हमला बता रही हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की बहसें वोटरों को प्रभावित कर सकती हैं, खासकर युवा मतदाताओं का होना।
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