Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी। बता दें कि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त जारी कर दी है। साथ ही,इस किश्त के जरिए प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। जिसमें हर लाभार्थी महिला को 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
जानकारी के लिए बता दें कि मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित Shabari Mata Temple में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह राशि ट्रांसफर करने की घोषणा की है। दरअसल,इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।
जून 2023 से अब तक लगातार मिल रही मदद
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी Ladli Behna Yojana के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री का कहना है कि जून 2023 से फरवरी 2026 तक इस योजना की 33 किश्तें पहले ही जारी की जा चुकी हैं।
बता दें कि इस अवधि में प्रदेश की महिलाओं के खातों में कुल 54,140 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। बता दें कि आज 13 मार्च 2026 को 34वीं किश्त जारी कर दी गई है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
अब हर महीने मिल रहे हैं 1500 रुपये
दरअसल, शुरुआत में लाड़ली बहना योजना के जरिए महिलाओं को 1250 रुपये हर महीने दिए जाते थे। लेकिन राज्य सरकार ने नवंबर 2025 से इस राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। जिसमें अब पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे अपने परिवार के खर्चों में सहयोग कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्रि से पहले महिलाओं को यह राशि मिलना उनके लिए किसी त्योहार के तोहफे से कम नहीं है।
महिलाओं की भूमिका पर मुख्यमंत्री का बयान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में बहनों और बेटियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही, सरकार लगातार महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। जिसमें लाड़ली बहना योजना इसी दिशा में एक बड़ा अहम कदम है, जिसके जरिए से लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
विकास कार्यों की भी मिली सौगात
लाड़ली बहना योजना की किश्त जारी करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में कई विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की है। जिसमें कार्यक्रम के दौरान करीब 121 करोड़ रुपये की लागत से 54 विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया गया है। साथ ही,इन परियोजनाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री का कहना है कि भितरवार क्षेत्र में लगभग 122 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी गई है। इनमें 40 करोड़ रुपये की लागत से बने भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण भी शामिल है। इसके अलावा एक नए पुल के निर्माण का भी भूमि पूजन किया गया है।
अंबेडकर स्मारक का भी होगा निर्माण
सरकार ने डबरा के जौरासी गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मारक के निर्माण की भी घोषणा की है। बताया जा रहा है कि इस परियोजना के दूसरे चरण में 12.5 हजार करोड़ रुपये की लागत से भूमि पूजन किया जाएगा। जिसमें यह स्मारक सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं,इसके अलावा कुलैथ, डबरा और मुरार क्षेत्रों में 50-50 सीट वाले बालक और बालिका छात्रावास बनाने की योजना भी शुरू की गई है।
श्रमिकों के लिए बनेगा विश्रामगृह
सरकार ने श्रमिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की है।जानकारी के अनुसार,आईएसबीटी के पास लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से श्रमिक विश्रामगृह बनाया जाएगा, जिससे कामगारों को ठहरने और आराम करने की सुविधा मिलेगी। दरअसल, यह सुविधा खासतौर पर उन मजदूरों के लिए जरूरी होगी जो शहर में काम की तलाश में आते हैं।
उद्योगों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री का कहना है कि 2024 से अब तक ग्वालियर क्षेत्र में 220 औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। जिसमें इन उद्योगों में लगभग 12.5 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे क्षेत्र में हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि उद्योगों के विस्तार से स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्र का विकास तेजी से होगा।

नए उद्योगों की भी घोषणा
बता दें कि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है। इससे जूता उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं,इसके अलावा मुरैना जिले में हाइड्रोजन उत्पादन के लिए नया कारखाना लगाया जाएगा। यह परियोजना भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है।
वन्यजीव संरक्षण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी। जिसमें उन्होंने कहा है कि Kuno National Park में छोड़े गए चीते अब अपने परिवार का विस्तार कर रहे हैं। इसके साथ ही Madhav National Park अब टाइगर, घड़ियाल और कछुओं के संरक्षण के लिए भी जाना जाने लगा है।साथ ही, सरकार का लक्ष्य प्रदेश में पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण दोनों को बढ़ावा देना है।
किसानों के लिए भी बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य सरकार ने किसानों को मजबूत बनाने के लिए कई फैसले लिए हैं। जिसमें उन्होंने किसानों से गेहूं खरीद पर 40 रुपये बोनस देने का फैसला लिया गया है। साथ ही, इससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।इसके अलावा पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी नई योजनाएं शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री की नई घोषणाएं
- भितरवार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सिविल अस्पताल बनाया जाएगा।
- घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन किया जाएगा।
- युवाओं के कौशल विकास के लिए भितरवार और घाटीगांव में आईटीआई केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- मां शबरी माता के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया का बयान
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia भी मौजूद रहे। जिसमें उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये तक देने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
जानकारी के लिए बता दें कि लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक माना जा रहा है। दरअसल, इस योजना के जरिए सरकार ने लाखों महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया है।
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