लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों का विरोध उफान पर दिखाई दिया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सांसद वेल में उतर आए और ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे गूंजने लगे।
लगभग 20 मिनट तक हंगामा चलता रहा और स्पीकर को बैठक 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
उधर, राज्यसभा में भी विरोध तेज रहा, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी तेज कर दी।
सांसद वेल में पहुंचे और ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ के नारे लगाने लगे।
स्पीकर ओम बिड़ला ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ती गई।
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कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
लगभग 20 मिनट तक चले शोर-शराबे के बाद स्पीकर ने सदन की बैठक स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा में भी विपक्ष लगातार आवाज बुलंद किए रहा।
खड़गे ने कहा— SIR विरोध जरूरी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि lok-sabha की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है।
#WATCH | On Opposition's protest against SIR, Congress President & LoP in Rajya Sabha, Mallikarjun Kharge says, "We will continue to protest to save democracy and against injustice." https://t.co/aHSVYXUCoV pic.twitter.com/P29wIPGoU4
— ANI (@ANI) December 2, 2025
संसद परिसर में दूसरा दिन प्रदर्शन
विपक्ष ने सुबह 10:30 बजे संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया।
उनकी मांग है कि सरकार SIR मुद्दे पर तुरंत चर्चा करे
पहले दिन भी दोनों सदनों में हंगामा
सत्र के शुरुआती दिन भी SIR और वोट चोरी के आरोपों पर विपक्ष ने हंगामा किया था।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार SIR और चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है।
चर्चा नाम बदलकर भी संभव
सूत्रों के अनुसार विपक्ष ने सरकार को सुझाव दिया कि SIR शब्द की जगह इलेक्टोरल रिफॉर्म जैसे नाम से विषय सूचीबद्ध किया जा सकता है।
जानकारी है कि सरकार इस पर सहमत हो सकती है और बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रुख रखेगी।
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विपक्ष-सरकार आमने-सामने, समाधान की तलाश जारी
विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र बचाने के लिए बहस जरूरी है।
सरकार का दावा है कि चर्चा के दरवाजे खुले हैं।
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