Lok Sabha Speaker: विपक्षी पार्टियों ने आज लोकसभा स्पीकर में ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार इसमें कांग्रेस, DMK, समाजवादी पार्टी समेत कुल 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं , लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव पर साइन नहीं किया है।वहीं कांग्रेस पार्टी के अनुसार, यह कदम संसदीय परंपराओं और संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को ध्यान में रखकर लिया गया है। विपक्ष ने यह कदम उस समय उठाया जब स्पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से रोक दिया था। जिसके बाद विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर के फैसलों से कांग्रेस सांसदों पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। वहीं, ऐसे में विपक्ष ने लोकसभा महासचिव को नोटिस सौंपकर प्रस्ताव लाने का प्रयास किया है।
राहुल गांधी ने क्यों नहीं किया हस्ताक्षर
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि, संसदीय परंपराओं और इंस्टीट्यूशनल प्रोप्राइटी को ध्यान में रखते हुए, विपक्ष के नेता द्वारा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करना उचित नहीं था। साथ ही,लोकतांत्रिक मर्यादा और संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया।
The opposition on Tuesday submitted a notice for moving a resolution to remove Lok Sabha Speaker Om Birla from office for disallowing Rahul Gandhi and other opposition leaders from speaking in the House on the Motion of Thanks to the President's address, as well as for the… pic.twitter.com/GqIMJCjhMX
— Press Trust of India (@PTI_News) February 10, 2026
कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर बी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा है कि, विपक्ष ने संवैधानिक मर्यादा का सम्मान किया है। माननीय स्पीकर का व्यक्तिगत सम्मान करते हुए भी, हम विपक्षी सांसदों को पब्लिक इम्पॉर्टेंस के मुद्दे उठाने का मौका लगातार न मिलने से परेशान हैं। कई सालों के बाद स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस नोटिस दिया गया है। जिसमें यह एक बहुत ही जरूरी कदम है।
The Opposition has placed its faith in constitutional propriety.
While holding the Hon’ble Speaker in personal regard, we are pained and anguished by the consistent denial of opportunities to Opposition MPs to raise issues of public importance.
After many years, a no-confidence… pic.twitter.com/DwGElhoZYM— Manickam Tagore .B🇮🇳மாணிக்கம் தாகூர்.ப (@manickamtagore) February 10, 2026
लोकसभा स्पीकर ने सदन से खुद को अलग किया
विपक्षी नोटिस के बाद, स्पीकर ओम बिरला ने खुद को सदन की कार्यवाही से अलग कर लिया था। जिसके बाद वह आज मंगलवार को सदन की कार्यवाही संचालित करने के लिए आसन पर नहीं आए। बताया जा रहा है कि इस कदम को बजट सत्र के दौरान विपक्ष और ट्रेजरी बेंच के बीच बढ़ते टकराव की बड़ी घटना माना जा रहा है।
बीजेपी का आरोप और फैक्टुअल एरर
दरअसल, BJP ने नोटिस में एक फैक्चुअल एरर उठाया है। जिसमें पार्टी के नेताओं का कहना है कि नोटिस में गलत साल 2025 लिखा गया है, जबकि साल 2026 है। वहीं, बीजेपी के अनुसार यह नोटिस पर 118 सांसदों के साइन मौजूद हैं, लेकिन इस तरह की त्रुटि नोटिस की वैधता पर सवाल खड़ा करती है। बता दें कि इसके पहले, BJP की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को 4 फरवरी, 2026 को सदन में हुए हंगामे के लिए पत्र लिखा था। बताया जा रहा है कि इस पत्र में विपक्षी सांसदों पर वेल में घुसने, स्पीकर की टेबल पर चढ़ने और कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया गया और उनके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
विपक्ष का रुख
विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस सौंपकर यह कहा है कि, वे सदन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और सांसदों के अधिकारों की रक्षा करना चाहते हैं। विपक्ष के लिए यह कदम संसद की कार्यवाही में बढ़ती बाधाओं और सांसदों के अधिकारों पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ एक सांकेतिक विरोध है।
विशेष जानकारी
- अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करना संसद की सांवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
- राहुल गांधी ने हस्ताक्षर नहीं किए क्योंकि यह इंस्टीट्यूशनल प्रोप्राइटी और संसद की गरिमा को बनाए रखने का संकेत है।
- विपक्षी नोटिस में शामिल 118 सांसदों में कांग्रेस, DMK, समाजवादी पार्टी प्रमुख हैं।
- बीजेपी ने नोटिस की वैधता पर सवाल उठाया और गलत साल लिखने की ओर ध्यान आकर्षित किया।
ये भी पढ़ें: अमित शाह ने लॉन्च की भारत टैक्सी,ओला और उबर को दे सकती कड़ी टक्कर, यहां जानें पूरी डिटेल



