Mahashivratri : भगवान शिव की आराधना और उपासना का पावन पर्व महाशिवरात्रि आज पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं. हर ओर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारे गूंज रहे हैं. काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकालेश्वर, केदारनाथ, सोमनाथ, रामेश्वरम और वैद्यनाथ धाम जैसे प्रमुख शिवधामों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. गंगा घाटों से लेकर गांव-कस्बों के छोटे शिवालयों तक पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का सिलसिला जारी है. इस मौके पर देश के शीर्ष नेताओं ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं और सुख-शांति व समृद्धि की कामना की है.
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी महाशिवरात्रि की बधाई
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं. मेरी प्रार्थना है कि महादेव की कृपा हम सभी पर सदा बनी रहे और हमारा देश प्रगति के पथ पर सदैव अग्रसर रहे.”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए भगवान शिव से देशवासियों के जीवन में सुख-शांति और सद्बुद्धि की कामना की और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि आत्मचिंतन, संयम और करुणा का पर्व है, जो हमें जीवन में संतुलन सिखाता है.
इन शुभकामनाओं के बाद सोशल मीडिया पर #Mahashivratri, #HarHarMahadev जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. लाखों लोगों ने नेताओं के संदेशों को शेयर कर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं.
मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और जागरण
महाशिवरात्रि पर देशभर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और महाआरती का आयोजन किया गया है. कई मंदिरों में रात भर जागरण, भजन-कीर्तन और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ होता है.
- काशी विश्वनाथ धाम (वाराणसी): अलौकिक श्रृंगार और विशेष आरती
- महाकालेश्वर (उज्जैन): भस्म आरती और भव्य श्रृंगार
- सोमनाथ (गुजरात): समुद्र तट पर भक्ति और दीप प्रज्वलन
- केदारनाथ (उत्तराखंड): ठंड के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ और विशेष पूजा
- वैद्यनाथ धाम (झारखंड): कांवरियों की लंबी कतारें
प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
महाशिवरात्रि का महत्व, क्यों खास है यह पर्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पर्व माना जाता है. यह रात आत्मचिंतन, संयम और साधना की मानी जाती है.
मान्यता है कि इस दिन:
- शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाने से पापों का नाश होता है
- उपवास और रात्रि जागरण से मनोकामनाएं पूरी होती हैं
- शिव का ध्यान करने से जीवन में शांति और संतुलन आता है
यही कारण है कि महाशिवरात्रि सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और साधना का अवसर भी माना जाता है.
देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
महाशिवरात्रि पर कई राज्यों में धार्मिक जुलूस, झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
- उत्तर प्रदेश: काशी, प्रयागराज और अयोध्या में भजन-कीर्तन
- मध्य प्रदेश: उज्जैन में भव्य महाआरती और शोभायात्रा
- गुजरात: सोमनाथ में दीपदान और समुद्र तट पर भक्ति कार्यक्रम
- झारखंड: देवघर में कांवर यात्रा
- दक्षिण भारत: रामेश्वरम और श्रीशैलम में विशेष पूजा
इन आयोजनों से शहरों और गांवों में उत्सव जैसा माहौल बन गया है.
विदेशों में बसे भारतीयों ने भी मनाई महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि की भक्ति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही. विदेशों में बसे भारतीयों और शिव भक्तों ने भी इस पर्व को श्रद्धा से मनाया. नेपाल, श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में स्थित शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई. कई जगहों पर ऑनलाइन लाइव दर्शन और सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे प्रवासी भारतीय भी इस पर्व से जुड़ सके.
सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर
भारी भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल, मेडिकल टीमें और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है:
- सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी
- ट्रैफिक डायवर्जन और पैदल मार्ग
- बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग लाइन
- पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य रखें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें



