Mohan Bhagwat statement: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RRS) के प्रमुख मोहन भागवत ने आज पश्चिमी बंगाल में बाबरी मस्जिद के प्रतीकात्मक निर्माण और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर बड़ा बयान दिया है। जिसमें उनका कहना है कि, अगर हिन्दू समाज एकजुट होकर खड़े हो जाएं , तो बंगाल के हालत बदल सकते हैं।
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राजनीतिक साजिश है
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस से सस्पेंड किए गए विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद की नीव रखी गई थी। जिसमें यह कार्यक्रम प्रतीकात्मक था। साथ ही, फीता काटकर मस्जिद निर्माण के प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। जिसपर मोहन भागवत का कहना है कि, बाबरी मस्जिद को फिर से बनाकर विवाद करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, यह एक राजनीतिक साजिश है, जो केवल वोटों के लिए की जा रही है। इसमें न नहीं हिंदुओं का लाभ होगा और न ही मुसलमानों का होगा।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On the foundation stone of Babri Masjid laid by suspended TMC MLA Humayun Kabir in Beldanga, RSS Chief Mohan Bhagwat says, "…Now, this is a political conspiracy to restart the dispute by rebuilding the Babri Masjid. This is being done for votes;… pic.twitter.com/V9j4707OSo
— ANI (@ANI) December 21, 2025
हिंदुओं की संख्या कम हैं
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और उधर की स्थिति पर चिंता जताते हुए, मोहन भागवत ने कहा है कि, वहां हिंदुओं की संख्या कम हैं और हालत काफी खरब हैं। जिसमें हिंदुओं को एकजुट खड़ा रहना होगा और दुनियाभर के हिन्दुओं को उनकी मदद करनी चाहिए। साथ ही, भारत सरकार को भी एक्शन लेना होगा और जो भी संभव हो, वह करना चाहिए।
भारतीय संस्कृति का सम्मान
हिंदू राष्ट्र के सवाल पर मोहन भागवत का कहना है कि, हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है। जो भी भारत को अपनी मातृभूमि मानता है और भारतीय संस्कृति का सम्मान करता है, वह इसका हिस्सा है। साथ ही, संविधान में ‘हिंदू राष्ट्र’ शब्द जुड़ता है या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन संघ की विचारधारा यही है कि भारत की पहचान हिंदू राष्ट्र के रूप में है।
RSS सामाजिक परिवर्तन
मोहन भागवत ने राजनीतिक बदलाव पर कहा है कि, राजनीति उनके काम में नहीं आती। बल्कि, (RSS) सामाजिक परिवर्तन के लिए काम करता है, न कि राजनीतिक परिवर्तन के लिए।
VIDEO | At an event in Kolkata, RSS Sarsanghchalak Mohan Bhagwat says, “There are people who spread false narratives and outright lies about the Sangh. As the Sangh grows, some fear their vested interests will be threatened. Many know the name of the Sangh, but not its work,… pic.twitter.com/9Su5cm13hi
— Press Trust of India (@PTI_News) December 21, 2025
जनता का सहयोग
सरकारी पैसे से धार्मिक स्थल किसी भी धार्मिक स्थल का निर्माण नहीं करती। वहीं, सोमनाथ मंदिर और राम मंदिर के निर्माण में सरकारी धन का उपयोग नहीं हुआ है, बल्कि जनता के सहयोग से यह कार्य हुआ है।
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