एमपी में फिर गरमाया ओबीसी आरक्षण और प्रमोशन का मुद्दा
मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर आरक्षण को लेकर घिरती नजर आ रही है।
ओबीसी को 27% आरक्षण देने की बात हो या सरकारी नौकरी में प्रमोशन की व्यवस्था — दोनों ही मुद्दे फिलहाल कोर्ट में फंसे हैं।
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हाईकोर्ट के सवालों में फंसी सरकार
हालांकि, हाल ही में हाईकोर्ट ने सरकार से बड़ा सवाल पूछ लिया।
कोर्ट ने कहा — जब प्रमोशन आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहले से लंबित है, तो सरकार ने नए नियम क्यों बना लिए?
इसी वजह से सरकार जवाब नहीं दे पाई और मामला और उलझ गया।
ओबीसी छात्रों की नियुक्ति पर भी घमासान
इसके अलावा, कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब उन ओबीसी छात्रों को नियुक्ति देने की तैयारी है, जिन्हें पहले जगह नहीं मिली थी।
इससे नौकरी के इंतजार में बैठे हजारों युवाओं में उम्मीद जगी है।
5 साल से लटका है प्रमोशन में आरक्षण
वहीं, प्रमोशन में आरक्षण का मामला बीते 5 साल से सुप्रीम कोर्ट में लटका है।
हाल ही में फिर इस पर सुनवाई हुई, लेकिन फैसला अभी नहीं आ पाया।
कांग्रेस का आरोप — ओबीसी के साथ अन्याय
इसी बीच, एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर सीधा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार ओबीसी समाज के साथ लगातार अन्याय कर रही है।
सरकार ने खुद बनाया फंदा
दूसरी तरफ, सरकार अपनी ही बनाई पॉलिसी के पक्ष में कोर्ट में जवाब नहीं दे पा रही।
कोर्ट ने जब पूछा कि पुराना मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, तो पहले उसे क्यों नहीं निपटाया? इस पर भी सरकार चुप नजर आई।
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