wheat registration 2026: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। बता दें कि, रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की तैयारी शुरू हो गई है।जिसमे राज्य सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। साथ ही, इस बार भी सरकार ने किसानों को MSP के साथ बोनस देने का फैसला किया है, जिससे उन्हें अपनी फसल का बेहतर दाम मिल सके।
7 फरवरी से शुरू होगा पंजीयन
जानकारी के लिए बता दें कि, समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन 7 फरवरी 2026 से शुरू होगा। वहीं, पंजीयन की अंतिम तारीख 7 मार्च 2026 तय की गई है। यानी किसानों के पास एक महीने का समय रहेगा। तय समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने वाले किसानों से ही सरकारी खरीदी केंद्रों पर गेहूं खरीदा जाएगा। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी किसान यह मूल्य का लाभ नहीं ले पाएगा। वहीं, यह पूरी प्रक्रिया खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के माध्यम से संचालित की जाएगी। सरकार ने साफ कहा है कि रजिस्ट्रेशन के समय दी गई जानकारी सही और पूरी होनी चाहिए।
सही जानकारी देना जरूरी
पंजीयन के दौरान किसानों को अपनी भूमि से जुड़ी जानकारी, बोनी (कितने क्षेत्र में फसल बोई गई है) और बैंक खाते का विवरण देना होगा। अगर जानकारी गलत पाई जाती है या अधूरी रहती है, तो किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने से वंचित हो सकते हैं। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे दस्तावेज ध्यान से तैयार रखें और सही जानकारी दर्ज करें।
सिकमी और बटाईदार किसानों के लिए खास नियम
बता दें कि, इस बार सिकमी (पट्टे पर खेती करने वाले) और बटाईदार किसानों के लिए अलग शर्तें तय की गई हैं। ऐसे किसानों को भूमि स्वामी और बटाईदार के हितों के संरक्षण से जुड़े कानून के तहत तय प्रारूप में एग्रीमेंट करना जरूरी होगा। वहीं, यह एग्रीमेंट अधिकतम पांच साल के लिए मान्य रहेगा। सबसे अहम बात यह है कि यह अनुबंध 2 फरवरी 2026 से पहले का होना चाहिए। अगर 2 फरवरी के बाद एग्रीमेंट किया गया है, तो उसके आधार पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन मान्य नहीं होगा। इस नियम का मकसद फर्जी दावों को रोकना और वास्तविक किसानों को लाभ पहुंचाना है।
कितना मिलेगा MSP
केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। पिछले सीजन में यह 2425 रुपये प्रति क्विंटल था। यानी इस बार MSP में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
राज्य सरकार देगी बोनस
मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि वह इस बार भी किसानों से 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी। इसका मतलब है कि 2585 रुपये MSP के साथ 15 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस राज्य सरकार देगी। यह बोनस सीधे किसानों को फायदा पहुंचाएगा।
हालांकि इस बार बोनस की राशि कम है, लेकिन MSP बढ़ने से कुल कीमत फिर भी पहले से ज्यादा है।

पिछले साल मिला था ज्यादा बोनस
दरअसल, पिछले साल मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं पर बड़ा बोनस दिया था। तब MSP 2425 रुपये प्रति क्विंटल था और राज्य सरकार ने 175 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस जोड़ा था। उस समय मध्य प्रदेश देश में सबसे ज्यादा गेहूं बोनस देने वाला राज्य बना था। वहीं, इस साल बोनस कम जरूर है, लेकिन MSP में बढ़ोतरी के कारण किसानों को कुल मिलाकर अच्छा दाम मिल रहा है।
किसानों को क्या करना चाहिए
बता दें कि, किसान समय पर रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। आखिरी तारीख का इंतजार न करें, क्योंकि अंतिम दिनों में पोर्टल पर भीड़ बढ़ जाती है। अपने सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें, जैसे—
- आधार कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- जमीन से जुड़े कागजात
- बोनी का विवरण
- सिकमी/बटाईदार होने पर वैध एग्रीमेंट
सरकार का लक्ष्य
दरअसल, राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जाए ताकि उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से नुकसान न हो। साथ ही, MSP पर खरीदी से किसानों को उनकी फसल का तय और सुरक्षित दाम मिलता है।
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