पंजाब की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, पूर्व कांग्रेस विधायक नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस पार्टी ने निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला पंजाब कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष द्वारा लिया गया और इसकी वजह उनके हालिया विवादित बयान है।
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टिकट के बदले करोड़ों रुपये की डील
नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया था कि पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री की सीट और विधानसभा टिकट के बदले करोड़ों रुपये की डील की जाती है। इसके अलावा, उन्होंने यह कहा कि तरनतारन उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार करणबीर सिंह बुर्ज को टिकट देने के लिए करीब 5 करोड़ रुपये लिए गए और देखा जाए तो यह कुल रकम लगभग 11 करोड़ रुपये तक पहुंची।
इस संदर्भ में सिद्धू ने यह भी कहा कि उनके पास इस संबंध में कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है।
कांग्रेस में हर चीज बिकती रही
सिद्धू के आरोपों के बाद विपक्षी दलों ने तुरंत अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी। वही, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ का कहना है कि पहले भी उन्होंने पार्टी में ऐसी रकम की चर्चाएं सुनी हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी कहा कि कांग्रेस में 2004 के बाद से हर चीज बिकती रही है।
वहीं, AAP के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह भ्रष्टाचार सच था तो कांग्रेस और बीजेपी दोनों चुप क्यों थीं।

कांग्रेस के कई नेताओं खारिज किया आरोप
इस मामले को लेकर कांग्रेस के कई नेताओं ने नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों को खारिज कर दिया। जहां प्रगट सिंह ने कहा कि उन्हें कभी ऐसी मांग का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि यह नवजोत कौर की व्यक्तिगत राय हो सकती है।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और पार्टी विरोधी कहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इतनी बड़ी रकम की डील सच थी तो वह इतने सालों से पार्टी को लेकर चुप क्यों बैठे थे।
सोशल मीडिया पर सफाई
विवाद के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया पर सफाई दी और कहा कि उनके बयान को जनता के सामने तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनसे कभी कोई पैसा नहीं मांगा है, लेकिन फिर भी पार्टी हाईकमान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।
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