New Traffic Rule 2026: 1 जनवरी 2026 से लागू नए ट्रैफिक नियमों के तहत एक साल में 5 बार या उससे ज्यादा नियम तोड़ने पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है।जिसमें सरकार का कहना है कि अब केवल जुर्माना नहीं होगा, बल्कि सीधे लाइसेंस पर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के लिए बता दें कि यह फैसला सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती करने के लिए लिया गया है। आइए जानते हैं इस नए नियम की पूरी जानकारी।
क्या है नया 5 बार उल्लंघन’ नियम
नए मोटर व्हीकल नियमों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति एक कैलेंडर वर्ष (1 जनवरी से 31 दिसंबर) के भीतर 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। लाइसेंस को सस्पेंड या कैंसिल करने का अंतिम फैसला संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन कार्यालय (DTO) द्वारा लिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब हर छोटी-बड़ी गलती आपके रिकॉर्ड में जुड़ती जाएगी।
कौन-कौन सी गलतियां होंगी शामिल
बता दें कि अगर आप सोच रहें हैं कि केवल बड़ी दुर्घटना या गंभीर अपराध ही गिने जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। रोजमर्रा की छोटी गलतियां भी 5 की गिनती में जुड़ेंगी।
- ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना)
- बिना हेलमेट दोपहिया चलाना
- सीट बेल्ट न लगाना
- रेड लाइट जंप करना
- गलत जगह पार्किंग (Illegal Parking)
- ओवरलोडिंग
- मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग
- खतरनाक या लापरवाही से वाहन चलाना। इनमें से कोई भी गलती अगर बार-बार की जाती है, तो आपका लाइसेंस खतरे में पड़ सकता है।
क्यों उठाया गया यह सख्त कदम
भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा देते हैं। सरकार का मानना है कि सिर्फ जुर्माना भरवाने से लोगों की आदत नहीं बदल रही थी। कई लोग चालान को मामूली खर्च समझकर नियम तोड़ते रहते थे। अब सरकार का फोकस जेब पर नहीं, व्यवहार पर है। यानी बार-बार नियम तोड़ने वालों को सीधा लाइसेंस सस्पेंड करने की चेतावनी दी गई है, ताकि लोग जिम्मेदारी से गाड़ी चलाएं।
ई-चालान और आधार से जुड़ा रिकॉर्ड
बता दें कि अब हर ई-चालान आपके ड्राइविंग लाइसेंस और आधार से लिंक होता है। इसका मतलब यह है कि अगर आपने अलग-अलग शहरों में भी नियम तोड़े हैं, तो उनका रिकॉर्ड एक ही जगह जुड़ जाएगा। पहले कई लोग यह सोचकर बच जाते थे कि दूसरे शहर का चालान है, पता नहीं चलेगा। लेकिन अब पूरा डेटा डिजिटल हो चुका है और सभी उल्लंघनों की जानकारी एक ही सिस्टम में दर्ज हो जाती है।

लाइसेंस सस्पेंड होने पर क्या होगा
जानकारी के लिए बता दें कि अगर आपका DL सस्पेंड होता है, तो आप तय समय तक वाहन नहीं चला पाएंगे। अगर फिर भी ड्राइविंग करते पकड़े गए, तो और सख्त कार्रवाई हो सकती है। लाइसेंस रद्द (Cancel) होने की स्थिति में आपको दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना पड़ सकता है। यानी फिर से पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
चालान पेंडिंग होने पर बढ़ेगी परेशानी
नए नियमों के तहत अगर आपका चालान 45 दिन के भीतर नहीं भरा गया, तो वह पेंडिंग माना जाएगा। पेंडिंग चालान होने पर आपको कई सरकारी सेवाओं में परेशानी हो सकती है।
- RC ट्रांसफर।
- एड्रेस अपडेट।
- डुप्लीकेट लाइसेंस आवेदन।
- वाहन से जुड़े अन्य ऑनलाइन कार्य।इसलिए समय रहते चालान भरना जरूरी है।
अपना रिकॉर्ड कैसे चेक करें
आप समय-समय पर अपने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े चालान ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके लिए आप सरकारी परिवहन पोर्टल पर जाकर अपना DL नंबर डालकर जानकारी ले सकते हैं।
रिकॉर्ड चेक करने से आपको पता रहेगा कि आपके नाम पर कितने चालान दर्ज हैं और कितने पेंडिंग हैं।
जिम्मेदार ड्राइविंग क्यों जरूरी है
सड़क पर गाड़ी चलाना सिर्फ स्टियरिंग पकड़ना नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। आपकी एक छोटी गलती किसी की जान भी ले सकती है। हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। तेज रफ्तार, मोबाइल पर बात करना या रेड लाइट जंप करना कुछ सेकंड बचा सकता है, लेकिन जिंदगी भर का पछतावा भी दे सकता है।
युवाओं के लिए खास चेतावनी
अक्सर देखा गया है कि युवा वर्ग तेज रफ्तार और स्टंट के चक्कर में नियमों को नजरअंदाज कर देता है। अब ऐसे मामलों में लगातार उल्लंघन पर सीधे लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। माता-पिता को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों को जिम्मेदारी से ड्राइविंग करने के लिए प्रेरित करें।
सरकार का संदेश क्या है
सरकार का कहना है कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। नियम तोड़ने वालों को अब सिर्फ चालान से नहीं छोड़ा जाएगा। लाइसेंस पर कार्रवाई करके सख्ती दिखाई जाएगी। यह कदम सजा देने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। सड़क पर अनुशासन ही दुर्घटनाओं को कम कर सकता है।
क्या करें और क्या न करें
जानें क्या करें
- हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट पहनें।
- ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें।
- तय गति सीमा में वाहन चलाएं।
- मोबाइल फोन का उपयोग ड्राइविंग के दौरान न करें।
- समय-समय पर चालान रिकॉर्ड चेक करें।
जानें क्या न करें
- बार-बार नियमों को नजरअंदाज न करें।
- चालान पेंडिंग न रखें।
- शराब पीकर वाहन न चलाएं।
- स्टंट या रेसिंग जैसी गतिविधियां न करें।
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